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ब्रह्मम निर्देशक: असली चुनौती बारीकियों को ठीक करना था

कच्चि, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्म निमार्ता रवि के. चंद्रन का कहना है कि अपनी फिल्म ब्रह्मम के लिए उन्हें जिन वास्तविक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनमें से एक बारीकियों को सही करना और फिल्म देखने वालों को प्रभावित करना था। चंद्रन ने साझा किया कि असली चुनौती मलयालम मीडिया और फिल्म देखने वालों, विशेष रूप से ऑरिजनल मूवी के प्रशंसकों को प्रभावित करना था। चूंकि यह एक रीमेक थी और ऑरिजनल भी एक बहुत अच्छी तरह से तैयार की गई फिल्म थी, इसलिए दोनों की तुलना हमेशा होने वाली थी। उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने मूल फिल्म नहीं देखी है, वे प्रशंसा से भरे हुए हैं और इससे खुशी होती है। लेकिन मुझे सबसे खुशी इस बात कि है कि जिन्होंने मूल फिल्म देखी है, वह अब हमारी फिल्म को सूक्ष्म परिवर्तनों की तरह देखें और सराहें। यह फिल्म हिंदी फिल्म अंधाधुन की मलयालम रीमेक है। यह एक पियानोवादक के द्वंद्व पर आधारित है जो नेत्रहीन होने का नाटक करता है, जिसे पृथ्वीराज सुकुमारन ने लिखा है। चंद्रन ने कहा कि बहुत सारा श्रेय शरत को जाता है, उनके द्वारा लिखे गए संवाद और लेखन बहुत ही स्मार्ट हैं। ब्रह्मम में उन्नी मुकुंदन, सुधीर करमना, ममता मोहनदास और राशी भी हैं। यह 7 अक्टूबर को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है। --आईएएनएस एमएसबी/आरजेएस

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