अनिरुद्ध दवे अभिनीत थ्रिलर फिल्म कोटा- द रिजर्वेशन लॉन्च करेगा बाबा प्ले

 अनिरुद्ध दवे अभिनीत थ्रिलर फिल्म कोटा- द रिजर्वेशन लॉन्च करेगा बाबा प्ले
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मुंबई, 24 नवंबर (आईएएनएस)। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की विचारधारा का सम्मान करने वाला डिजिटल सोशल प्लेटफॉर्म बाबा प्ले, फिल्म और टेलीविजन अभिनेता अनिरुद्ध दवे अभिनीत आगामी थ्रिलर फिल्म कोटा लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ये फिल्म प्रथम वर्ष के उस दलित छात्र की कहानी दर्शाती है, जिसके साथ एक उच्च जाति के छात्र द्वारा भेदभाव किया जाता है और उसका शारीरिक शोषण किया जाता है। शारीरिक शोषण उस छात्र के दिलो-दिमाग पर एक ना मिटने वाला निशान छोड़ देता है। नीची जाति के छात्रों को उद्देश्यपूर्ण तरीके से टार्गेट करने के ख्रिलाफ पीड़ित छात्र कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होता है। उसके इस जवाबी उत्तर से दलित छात्रों में एक विद्रोह पैदा होता है, जो न्याय के लिए लड़ते हैं। बाबा प्ले एक सोशल मीडिया ऐप है जिसका उद्देश्य मनोरंजन के माध्यम से समाज को जगाना और बाबा साहेब अम्बेडकर के विचारों को दुनिया भर में फैलाना है। यह फिल्म लेखक, निर्माता और निर्देशक संजीव जायसवाल की प्रस्तुति है, जो निर्माता के रूप में अपनी पहली फिल्म फरेब (2005) के लिए बेहतर जाने जाते हैं। इसे दीपक तिजोरी द्वारा निर्देशित किया गया था और इसमें शिल्पा शेट्टी, शमिता शेट्टी और मनोज बाजपेयी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए थे। मनीष झा द्वारा लिखित और निर्देशित जायसवाल की दूसरी फिल्म अनवर (2007) थी। इसमें मनीषा और सिद्धार्थ कोइराला, राजपाल यादव और नौहीद सिरुसी की स्टार कास्ट थी। निर्देशक के रूप में उनकी पहली फिल्म शूद्र- द राइजिंग (2012) को जाति व्यवस्था की बुराइयों पर एक निश्चित बयान माना जाता है। शूद्र के बाद, जायसवाल ने राजीव खंडेलवाल, विक्रम गोखले, अतुल कुलकर्णी और अभिमन्यु सिंह अभिनीत एक्शन फिल्म प्रणाम (2019) का निर्देशन किया, लेकिन अब वह बाबा प्ले के पीछे की ताकत हैं। बाबा प्ले के बारे में बात करते हुए, जायसवाल ने कहा, यह बड़े बदलाव का साधन होगा और कोटा जैसी फिल्में इस बदलाव के लिए महत्वपूर्ण हैं। हमारा उद्देश्य अर्थ और उद्देश्य के साथ मनोरंजन प्रदान करना और बाबा साहब के विचारों को पूरे देश में फैलाना है। दलित छात्र की भूमिका निभाने वाले दवे, बाबा प्ले के माध्यम से एक सार्थक भूमिका निभाने और कहानी को दर्शकों तक ले जाने के लिए रोमांचित हैं। उन्होंने कहा, हमें इन समस्याओं के बारे में बात करने की जरूरत है जो हमारे देश को विभाजित करती हैं और अंतत: हमारी कमजोरी बन जाती हैं। मैं भारत के एकमात्र ऐप पर प्रदर्शित होने के लिए उत्साहित हूं जो दलित समुदाय की आवाज का प्रतिनिधित्व करता है। महिला प्रधान के रूप में अपनी शुरूआत करने वाली गरिमा कपूर ने एक दलित मेडिकल छात्रा की भूमिका निभाई है जो एशिया की सबसे तेज राइडर भी हैं। अपनी शुरूआत के बारे में उत्साहित, उन्होंने कहा, फिल्म वास्तव में उस जातिवाद को दर्शाती है जो हमारे समाज को भीतर से बर्बाद कर रही है। ज्ञान का मंदिर अब छात्रों के लिए एक सुरक्षित आश्रय नहीं है। इसे बदलना होगा। मुझे खुशी है कि मैं इतनी महत्वपूर्ण कहानी को मेरे काम के माध्यम से दिखाने में सक्षम हो सकूंगी। --आईएएनएस एसकेके/आरजेएस

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