'चांदनी बार' के 19 साल पूरे, मधुर भंडारकर के करियर का टर्निंग प्वाइंट रही यह फिल्म
'चांदनी बार' के 19 साल पूरे, मधुर भंडारकर के करियर का टर्निंग प्वाइंट रही यह फिल्म
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'चांदनी बार' के 19 साल पूरे, मधुर भंडारकर के करियर का टर्निंग प्वाइंट रही यह फिल्म

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फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने फिल्म 'चांदनी बार' के 19 साल पूरे होने पर अपनी इस फिल्म को याद किया है। यह फिल्म मधुर की जिंदगी व करियर का टर्निग प्वाइंट थी। इस फिल्म ने मधुर को बॉलीवुड में मजबूत रूप से स्थापित किया। यह फिल्म 28 सितम्बर, 2001 को रिलीज हुई थी। मधुर ने सोशल मीडिया पर फिल्म 'चांदनी बार' को अपनी जिंदगी का महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए फिल्म से जुड़े सभी कलाकरों को धन्यवाद दिया। मधुर भंडारकर ने ट्विटर पर फिल्म से जुड़ा एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा-'चांदनी बार' के 19 साल पूरे! मेरे करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर। रिसर्च के दौरान अमूल्य योगदान के लिए बार डांसस का धन्यवाद, कास्ट एंड टेक्निशियन, प्रोड्यूसर्स, आर मोहन, अमित मोहन, प्रतिभाशाली अतुल कुलकर्णी और और अभिनेत्री तब्बू का बहुत बहुत धन्यवाद। 'चांदनी बार' निर्देशक मधुर भंडारकर की क्राइम ड्रामा फिल्म थी। फिल्म में तब्बू और अतुल कुलकर्णी मुख्य भूमिका में थे। इनके अलावा अनन्या खरे, मीनाक्षी साहनी, राजपाल यादव आदि भी थे। फिल्म की कहानी मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित थी। इस फिल्म की दर्शकों और समीक्षकों ने खूब तारीफ की थी। 'चांदनी बार' को चार नेशनल अवॉर्ड मिले थे। मधुर भंडारकर ने अपने करियर की शुरुआत 90 के दशक में की थी। उन्होंने राम गोपाल वर्मा के साथ बतौर असिस्टेंट काम करना शुरू किया। उस समय राम गोपाल वर्मा फिल्म 'रात' बना रहे थे। इसके बाद मधुर ने उन्हें रंगीला और शिवा में असिस्ट किया। फिल्म रंगीला में मधुर ने एक छोटी सी भूमिका भी निभाई थी। यह फिल्म हिट रही। इसके बाद मधुर को लगा की वह अब फिल्म बना सकते हैं। वह अपने फिल्म की कहानी लेकर एक प्रोड्यसूर के पास गए, लेकिन फिल्म की कहानी सुनने के बाद प्रोड्यूसर ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया। मधुर ने हिम्मत नहीं हारी और साल 1999 में एक फिल्म बनाई जिसका नाम त्रिशक्ति था। यह फिल्म कुछ कमाल नहीं दिखा पाई। मधुर के एक दोस्त स्टॉक मार्केट में काम करते थे। एक रोज वो मधुर को लेकर डांस बार गए। मधुर उस वक्त बहुत शर्मिंदा महसूस कर रहे थे। मधुर को इस बात का डर था कि कहीं किसी ने उन्हें पहचान लिया तो कहेगा कि फिल्म की नाकामी भुलाने के लिए वो वहां आए हैं। इसके बाद मधुर वहां से निकल गए। लेकिन रात भर उनकी आंखों में बार के दृश्य छाये रहे और अगले दिन वह स्वयं अपने दोस्त को बार लेकर गए। इसके बाद मधुर ने उस बार में काम करने वाली लड़कियों की कहानी सुनी और उसका संग्रह तैयार किया। इसके बाद मधुर भंडारकर ने फिल्म 'चांदनी बार' बनाई। इस फिल्म में अभिनेत्री तब्बू मुख्य भूमिका में नजर आई। यह फिल्म मधुर की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इस फिल्म की सफलता ने उन्हें हिंदी फिल्म के प्रसिद्ध निर्देशकों में शुमार कर दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद मधुर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मधुर भंडारकर की प्रमुख फिल्मों में त्रिशक्ति, सत्ता, पेज 3, कॉर्पोरेट, ट्रैफिक सिग्नल, फैशन, जेल, दिल तो बच्चा है जी, हीरोइन, इंदु सरकार आदि शामिल हैं। मधुर भंडारकर को फिल्म इंडस्ट्री उनके सराहनीय योगदानों के लिए भारत सरकार की तरफ से साल 2016 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/सुरभि/मोनिका-hindusthansamachar.in