सेवा व परोपकार में ही समर्पित रहा गुरु अर्जुन देव जी का पूरा जीवन

सेवा व परोपकार में ही समर्पित रहा गुरु अर्जुन देव जी का पूरा जीवन
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दिव्य युग पुरुष, शान्ति के पुंज श्री गुरू अर्जुन देव जी सिखों के पाँचवें गुरू हैं। आप जी का जन्म 15 अप्रैल 1563 को श्री गुरू रामदास जी के घर व माता भानी जी की कोख से गोइंदवाल, जिला अमृतसर में हुआ। वे गुरू रामदास जी के सब से छोटे क्लिक »-www.prabhasakshi.com