बर्थडे स्पेशल (23 सितम्बर) : 60 साल तक बड़े पर्दे पर राज करने वाले प्रेम चोपड़ा हुए 85 के
बर्थडे स्पेशल (23 सितम्बर) : 60 साल तक बड़े पर्दे पर राज करने वाले प्रेम चोपड़ा हुए 85 के
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बर्थडे स्पेशल (23 सितम्बर) : 60 साल तक बड़े पर्दे पर राज करने वाले प्रेम चोपड़ा हुए 85 के

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मशूहर अभिनेता प्रेम चोपड़ा बॉलीवुड के फेमस विलेन में से एक है। उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में 60 साल विलेन बनकर राज किया और वह मकाम हासिल किया जिसकी ख्वाहिश हर अभिनेता करता है। प्रेम चोपड़ा का जन्म 23 सितम्बर,1935 को लाहौर में हुआ था। 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद प्रेम अपने परिवार के साथ शिमला आ गए। प्रेम की प्रारंभिक शिक्षा शिमला में ही हुई। इसके बाद स्नातक की पढ़ाई उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से की। इस दौरान प्रेम का झुकाव अभिनय की तरफ हुआ और वह कॉलेज में होने वाले नाटक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने लगे। पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिनेता बनने का सपना लिए प्रेम मुंबई आ गए। यहां आने के बाद प्रेम का फिल्मी दुनिया में कदम रखना आसान नहीं था। इस दौरान संघर्ष के शुरूआती दिनों में उन्होंने अखबार बेचने का काम शुरू किया। उन्होंने 'टाइम्स ऑफ इण्डिया' के सर्कुलेशन के रूप में भी काम किया। लम्बे संघर्ष के बाद उन्हें 1960 में आई फिल्म 'मुड़-मुड़ के ना देख' में काम करने का मौका मिला। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई। इसके बाद प्रेम को पंजाबी फिल्म 'चौधरी कर्नल सिंह' में काम करने का मौका मिला। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। 1960 में प्रेम चोपड़ा की फिल्म 'वो कौन थी' आई। प्रेम इस फिल्म में खलनायक की भूमिका में नजर आये। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और प्रेम को कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों में दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों को जीता। प्रेम चोपड़ा की प्रमुख फिल्मों में हम हिंदुस्तानी, शहीद, मेरा साया, प्रेम पुजारी, पूरब और पश्चिम,आंसू बने अंगारे,फूल बने अंगारे,जाने भी दो यारों आदि शामिल हैं। प्रेम चोपड़ा इन दिनों फिल्मों से दूर है,लेकिन उनकी फिल्मों के कुछ डायलॉग्स आज भी लोगों की जुबान पर अक्सर आ जाते है। बॉलीवुड के मशहूर विलेन के रूप में पहचान बना चुके प्रेम चोपड़ा की फिल्मों का डायलॉग प्रेम नाम है मेरा…प्रेम चोपड़ा (बॉबी),जिनके घर शीशे के बने होते हैं..., वो बत्ती बुझाकर कपड़े बदलते हैं... (सौतन), राजनीति की भैंस के लिए दौलत की लाठी की जरूरत होती है... (खिलाड़ी), मैं वो बला हूं, जो शीशे से पत्थर को तोड़ता हूं ...(सौतन), मैं जो आग लगाता हूं उसे बुझाना भी जानता हूं ...(कटी पतंग) जैसे डायलॉग काफी मशहूर हुए। प्रेम चोपड़ा 23 सितम्बर को 85 साल के हो गए। फिल्मों में दिए उनके योगदान और अभिनय को दर्शक हमेशा ही याद करते रहेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/सुरभि सिन्हा/कुसुम-hindusthansamachar.in