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दुर्ग : कुष्ठ रोगियों की खोज के लिए 186 ग्राम पंचायतों में आरएचओ व मितानिनों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

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दुर्ग , 17 मार्च (हि. स.) । राष्ट्रीय कुष्ठ उन्नमूलन कार्यक्रम के तहत जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने को “स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान “ चलाया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए निकुम व धमधा ब्लॉक के आरएचओ व मितानिनों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान निकुम ब्लॉक के बीएमओ डॉ. देवेन्द्र बेलचंदन और धमधा ब्लॉक के बीएमओ डॉ डीपी ठाकुर भी शामिल हुए। निकुम व धमधा ब्लॉक के 186 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक परिवारों का सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैयार किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों का वार्ड स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरएचओ, मितानिन, मितानिन ट्रेनर, एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित परिवार के मुखियां को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। निकुम ब्लॉक के 73 ग्राम पंचायतों में सर्वे के लिए 282 टीम को 4 से 12 मार्च तक ट्रेनिंग दिया गया। वहीं धमधा ब्लॉक के 119 ग्राम पंचायतों में 13 से 25 मार्च तक सर्वे के 313 टीमों को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ अनिल कुमार शुक्ला ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि “निकुम ब्लॉक में 13 मार्च से शुरू हुए प्रशिक्षण के बाद से 8 नए कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई है। पाटन ब्लॉक में परिवार के मुखिया के द्वारा प्रत्येक सदस्यों की कुष्ठ रोग की जांच की गई। जिससे अभियान को भारी सफलता मिली है । इसके बाद अन्य ब्लॉकों में भी कुष्ठ रोगी की खोज अभियान शुरु किया जा रहा है। पाटन ब्लॉक में कुष्ठ खोज अभियान के तहत 53 नए मरीज मिले थे। अभियान के दौरान जन जागरुकता आने के बाद स्वयं लोग अस्पताल पहुंच कर जांच करा रहे हैं। इसके 2 नए कुष्ठ के मरीज पाटन ब्लॉक में मिले हैं। डॉ शुक्ला ने बताया, परिवार के मुखिया से प्रत्येक परिवार में कुष्ठ के दर्द रहित दाग धब्बों की पहचान कराने से कुष्ठ के छिपे हुए मरीज सामने आएं हैं। कुष्ठ मरीजों की जांच के लिए एक-एक जिला अस्पताल व सिविल अस्पताल, 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 22 प्राथमिक स्वास्थ्य व 10 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 42 अस्पतालों में नियमित जांच की जा रही है”। “मेरा ग्राम कुष्ठ मुक्त ग्राम” की परिकल्पना को आधार बनाकर कुष्ठ रोगी खोजी दल द्वारा जिले के लगभग 20 लाख की जनसंख्या में हर एक व्यक्ति का सर्वे किया जाएगा। प्रत्येक गांव में प्रति एक हजार की जनसंख्या में एक टीम के दो सदस्य प्रत्येक परिवार के सदस्यों से मिलकर शरीर में दाग-धब्बों सहित चर्म रोगों की जांच करेंगे। घर-घर कुष्ठ सर्वे के लिए निकुम व धमधा ब्लॉक में सर्वे टीम एनएमए व एनएमएस द्वारा कुष्ठ रोगी की लक्षण की जांच करेंगे। हिंदुस्थान समाचार/अभय जवादे