धमतरी : हाथियों के चिंघाड़, तेंदुए की दहाड़ और भालुओं की दौड़ से दहशत में क्षेत्रवासी

धमतरी : हाथियों के चिंघाड़, तेंदुए की दहाड़ और भालुओं की दौड़ से दहशत में क्षेत्रवासी
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धमतरी, 17 मई ( हि. स.)। नगरी विकासखंड एक ओर कोरोना के अदृश्य वायरस से लड़ाई लड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर जंगली जानवरों के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार आमद से सहमे हुए हैं। विगत माह भर से 15 हाथियों का दल नगरी क्षेत्र में विचरण कर रहा है और उन्हें यह क्षेत्र इतना रास आ गया है कि नगरी के जंगली इलाकों को छोड़ते नजर नहीं आ रहे हैं। लगातार किसानों की फसल को रौंदते हुए मदमस्त हाथी वन विभाग के नाक में दम कर दिए हैं तो वहीं लोगों को अपनी जान से भी हाथ गंवाना पड़ रहा है। हाथियों के चिंघाड़ के बीच एक बार फिर नगरी क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों के करीब के गांवों में तेंदुए की आमद नजर आने लगी है। तेंदुए द्वारा अनेक पालतू मवेशियों के शिकार की घटनाएं तो हो चुकी है। वहीं 15 मई को नगरी से महज आठ किमी दूर आश्रित ग्राम मुकुंदपुर के एक आठ वर्षीय बालक पर हमला कर उसके प्राण ले लिए। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। हाथी और तेंदुए से जूझ रहे वन विभाग के लिए एक और सिरदर्द प्रारंभ हो चुका है वह है जंगली भालुओं का रिहायशी इलाकों में देखा जाना। 16 मई को बेलर के बनोरा क्षेत्र में जंगली भालू को गांव के निकट विचरण करते हुए ग्रामीणों ने देखा जिससे उनके होश उड़ गए। हालांकि इस भालू ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया किंतु इसके रिहायशी इलाके में देखा जाना आने वाले खतरे का संकेत देते नजर आ रहा है। नगरी क्षेत्र जंगल व पहाड़ियों से घिरा हुआ है ऐसे में यहां जंगली जानवरों की उपस्थिति बड़ी संख्या में है किंतु लगातार हाथी, तेंदुए व भालुओं के जंगलों से निकल कर रिहायशी इलाकों में आमद होना बहुत बड़े खतरे की ओर इशारा कर रहा है। लगातार पेड़ों की कटाई व जंगलों को उजाड़े जाने से अब ये जंगली जानवर आबादी क्षेत्रों में आ रहे हैं, जो लोगो को यह संदेश दे रहे हैं कि तुम हमारा घर उजाड़ोगे तो हम भी तुम्हारे ठिकानों की तरफ कूच करेंगे। वहीं वन विभाग की टीम इस पूरी हरकत पर नजर बनाए हुए है। साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन