धमतरी : कोरोना संक्रमण के दौरान व्यवस्था बनाने शिक्षकों से 12 घंटे की रात्रि कालीन ड्यूटी का विरोध

धमतरी : कोरोना संक्रमण के दौरान व्यवस्था बनाने शिक्षकों से 12 घंटे की रात्रि कालीन ड्यूटी का विरोध
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धमतरी, 17 अप्रैल ( हि. स.)I छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला धमतरी ने धमतरी ब्लाक में शिक्षकों के 12 घंटे रात्रिकालीन ड्यूटी का विरोध किया है। संघ के सदस्यों ने 16 अप्रैल को धमतरी जनपद कार्यालय में जनपद सीईओ अमित दुबे से चर्चा कर उक्त आदेश को निरस्त करने की मांग की है। संघ के जिला अध्यक्ष डा भूषणलाल चन्द्राकर, प्रांतीय उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक, उषा साहू, बी यदु, नंदकुमार साहू, गणेश साहू, तीरथ राज अटल, बलराम तारम, रामदयाल साहू, शैलेंद्र कौशल, दिनेश साहू, गेवाराम नेताम, रमेश यादव ने कलेक्टर से मांग की है कि शिक्षकों का न तो टीकाकरण किया गया है, न उन्हें किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। न ही 50 लाख के कोरोना बीमा सुरक्षा जो अन्य कोरोना वारियर्स को दी जाती है, प्रदान की है न ही कोरोना के संबंध में किसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया है। बिना सुरक्षा के मनमाने ढंग से डयूटी लगाई जा रही है। शिक्षक विगत एक वर्ष से कोरोना काल में मोहल्ला क्लास, आनलाइन क्लास, सूखा राशन सामग्री वितरण, कोरोना सर्वे, कोरोना टीकाकरण, एकांतवाास केंद्र में देखरेख सहित अनेकों कार्यों का जिम्मेदारी पूर्वक निष्पादन किया है। उपरोक्त कार्यों को करते हुए जिले के सैकड़ों शिक्षक कोरोना संक्रमण के शिकार हुए एवं कई ने अपनी जान गंवा दी। जिनके परिजनों के लिए न तो शिक्षा विभाग ने कुछ किया न ही जिला प्रशासन ने। प्रदेश स्तर पर शिक्षकों को कोरोना वारियर्स मानते हुए बीमा सुरक्षा की मांग की जा रही है। शिक्षकों की ड्यूटी के लिए राज्य शासन का कोई आदेश नहीं है। यह कार्य जिला प्रशासन के द्वारा की जा रही है। ऐसे में शिक्षकों के संक्रमित होने एवं जीवन की क्षति की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। वर्तमान में धमतरी ब्लाक में शिक्षकों की रात्रिकालीन ड्यूटी शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक 12 घंटे की लगाई गई है जबकि गत वर्ष यह कार्य स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को दी गई थी। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन