धमतरी : कोरोना से बचाव के लिए जेपी मौर्य ने सुझाए विभिन्न उपाय

धमतरी : कोरोना से बचाव के लिए जेपी मौर्य ने सुझाए विभिन्न उपाय
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धमतरी, 18 अप्रैल ( हि. स.) । कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रख कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जय प्रकाश मौर्य ने संक्रमण की श्रृंखला को रोकने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण भीड़-भाड़ वाले स्थल, परिवार, बाजारों में संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी नहीं बनाने अथवा कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों का पालन नहीं करने की वजह से फैलता है। संक्रमण से बचने के लिए यह जरूरी है कि संक्रमित व्यक्ति से परिवार एवं पड़ोसी दूरी बनाएं और जागरूक रहें। इसके लिए व्यक्तिगत काउंसलिंग और सामूहिक जागरूकता पर कलेक्टर ने बल दिया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन तभी ठीक हो सकता है, जब संक्रमण की दर को कम किया जा सके। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, बाजार स्थल, मंडी, हाट-बाजार, बसों इत्यादि में गंभीर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि जिले में आगामी 26 अप्रैल तक लाकडाउन लागू किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जागरूकता, सतर्कता एवं निगरानी से बिना लाकडाउन के भी कोरोना संक्रमण के प्रभाव को रोका जा सकता है। उन्होंने इसके लिए विभिन्न प्रयास किए जाने संबंधी उपाय सुझाए हैं। व्यक्तिगत एवं पारिवारिक निगरानी समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति को समझना होगा कि वह कोरोना संक्रमण से बचने के लिए व्यवहार में परिवर्तन करे। यदि किसी व्यक्ति को कोरोना संबंधी लक्षण जैसे सर्दी-खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो तो वह सबसे पहले मास्क पहनकर नजदीक के टीकाकरण केंद्र पहुंचकर अपना सैम्पल दे। इसके बाद स्वयं को आइसोलेट (अलग) करे और परिवार से तत्काल अलग रहे। होम आइसोलेशन (घरेलू एकांतवास) का समुदाय द्वारा निगरानी जिले में बहुत से मरीजों को घरेलू एकांतवास की सुविधा प्रदान की गई है, किंतु बहुंत से मरीज के परिवार वाले घरेलू एकांतवास के कड़े नियमों के प्रति गंभीर नहीं हैं। बहुंत से परिवार निगरानी दल को झूठी सूचना देते हैं, कि मरीज जिस कक्ष में रहता है, वहां संलग्न स्नानघर व शौचालय है। किंतु एकांतवास की स्वीकृति के बाद जानकारी मिलती है, कि मरीज के घर पर अलग कमरा, शौचालय, बाथरूम इत्यादि नहीं है। साथ ही यह भी देखने को मिलता है, कि मरीज के एकांतवास कक्ष में घुसकर परिजन भोजन परोसते, कमरे की सफाई करते, मरीज के कपड़े-बर्तन धोते हैं और बाहर घूमते-फिरते अथवा दुकान खोल लेते हैं। कलेक्टर ने कहा कि मरीज और उनके परिजनों के लापरवाही की वजह से कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से समुदाय में फैल रहा है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन