धमतरी : कृषि उपज मंडी बंद, धान बेचने किसानों की बढ़ी चिंता

धमतरी : कृषि उपज मंडी बंद, धान बेचने किसानों की बढ़ी चिंता
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रबी सीजन में उत्पादित धान को सूखा रहे खेतों में धमतरी, 14 अप्रैल ( हि.स.)। बोर सिंचाई सुविधा से रबी धान फसल लेने वाले अधिकांश किसानों की धान फसल पककर खेतों में तैयार है। कुछ ने तो कटाई-मिंजाई भी कर ली है। जबकि कृषि उपज मंडी बंद होने से ऐसे किसानों को धान बेचने के लिए अब दिक्कत हो रही है। लाॅकडाउन खत्म होने के इंतजार में अपने उत्पादित धान को खेतों में ही सूखा कर रखे हुए हैं। धमतरी जिले में 11 अप्रैल की रात से 15 दिनों के लिए 26 अप्रैल तक कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लाॅकडाउन लगाया गया है। जबकि रबी सीजन में धान फसल लेने वाले किसानों के खेतों में बोर सिंचाई सुविधा वाले किसानों की धान फसल पककर पूरी तरह तैयार है। ऐसे में लाॅकडाउन ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। गुपचुप तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों के किसान व मजदूर तैयार धान फसल की कटाई-मिंजाई कर रहे हैं, लेकिन उनके उत्पादित धान को बेचना इन दिनों किसानों के लिए चुनौती बना हुआ है। क्योंकि जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडी श्यामतराई बंद है। किसान गैंदलाल साहू, मुकेश कुमार, गिरधर साहू आदि ने बताया कि लाॅकडाउन के चलते वे अपने उत्पादित धान को नहीं बेच पा रहे हैं क्योंकि मंडी भी बंद है। ऐसे में उत्पादित धान को खेतों में ही सूखा आ रहे हैं, धान को घरों में रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। कुछ किसान तो अपने उत्पादित धान को गांव में सक्रिय कोचियों के पास ओने पौने दाम पर बेच रहे हैं। 14 अप्रैल को ग्राम परसतराई में सड़क किनारे उत्पादित धान को संग्रह कर रहे एक किसान ने बताया कि रबी सीजन में तैयार नया धान को 1430 से 1440 रुपये प्रति क्विंटल में गांव के कोचिया खरीद रहे हैं, इसलिए वे धान को बेच रहे हैं। लाॅकडाउन खत्म होने में अभी लंबा समय है। इंतजार करना भारी पड़ेगा। इस बीच में धान की रखवाली नहीं कर पाएंगे, क्योंकि गर्मी के दिनों में बेसहारा मवेशियों का झुंड खेतों की ओर पहुंचता है, जो धान को नुकसान पहुंचाएगा। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन