धमतरी : लाॅकडाउन से किसानों की रबी धान में बढ़ेगी सूखत, मंडी बंद होने से किसानों की बढ़ी दिक्कत

धमतरी : लाॅकडाउन से किसानों की रबी धान में बढ़ेगी सूखत, मंडी बंद होने से किसानों की बढ़ी दिक्कत
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धमतरी, 29 अप्रैल ( हि. स.)। कोरोना संक्रमण और लाॅकडाउन के मकड़जाल में किसान बुरी तरह से फंस चुके हैं। न धान बेच पा रहे हैं, न ही ठीक से कटाई मिंजाई कर पा रहे हैं। मिंजाई के बाद रखा उनका धान अब 38 से 39 डिग्री तापमान में तेजी से सूखने लगा है, ऐसे में रबी धान में भी काफी सूखत आने की आशंका है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। जिले के धमतरी, कुरुद, मगरलोड व नगरी के किसानों ने रबी सीजन में बोर व नहर सिंचाई पानी से करीब 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र रकबा में धान फसल ली है। इन दिनों किसानों के खेतों में धान फसल पककर तैयार है। कई किसान लाॅकडाउन के बीच फसल की कटाई-मिंजाई भी कर चुके हैं। अब उन्हें धान बेचने का इंतजार है। जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव व सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने 11 अप्रैल से 26 अप्रैल तक पहले चरण का लाॅकडाउन लगाया था। लाॅकडाउन खत्म होने से पहले कोरोना के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब लाॅकडाउन को 26 अप्रैल से बढ़ाकर पांच मई तक कर दिया है। ऐसे में रबी सीजन में धान फसल लेने वाले ग्रामीण अंचलों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि 80 प्रतिशत से अधिक किसानों की धान फसल कटाई-मिंजाई योग्य हो गई है। जो किसान फसल की मिंजाई कर चुके हैं, ऐसे किसानों को अपना उत्पादन बेचने के लिए भारी मशक्कत करना पड़ रही है, उन्हें लाॅकडाउन खुलने का इंतजार है। किसान अपने उत्पादित धान को गांव के गलियों, खलिहानों व घरों के आंगन में सुखा कर रख रहे हैं, ताकि लाॅकडाउन खुलते ही मंडी ले जाकर बेच सकें। अब लाॅकडाउन बढ़ने के कारण अभी किसानों को लगभग सप्ताहभर तक और इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में किसानों की धान अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह पर पड़ रहे 34 से 35 डिग्री तेज धूप में तेजी से सूख रही है। धान में भारी सूखत की आशंका है। किसानों के धान में सूखत आने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस संबंध में प्रभारी मंडी सचिव संजीव वाहिले ने बताया कि किसानों को धान बेचने के लिए कोई परेशानी नहीं है। वे मंडी में अपना धान बेच सकते हैं। राइसमिलर मिलर मंडी से सौदा पत्रक जारी कराकर किसानों से हस्ताक्षर कराकर धान खरीद सकते हैं। मंडी को राइसमिलों में धान बिकने पर भी टैक्स सौदापत्रक से ही जाता है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन