धमतरी : लाकडाउन में बेसहारा मवेशियों की नहीं मिट रही भूख, चारे व पानी के लिए तरस रहे मवेशी

धमतरी : लाकडाउन में बेसहारा मवेशियों की नहीं मिट रही भूख, चारे व पानी के लिए तरस रहे मवेशी
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धमतरी, 17 अप्रैल ( हि. स.)। लाकडाउन में शहर के बेसहारा मवेशियों की परेशानी बढ़ गई है। चारे- पानी की व्यवस्था नहीं होने से उनकी भूख नहीं मिट पा रही है। हालांकि कि कुछ समाजसेवी लोग दो चार रोटी जरूर खिला रहे हैं, जो पर्याप्त नहीं है। 17 अप्रैल धमतरी में लाकडाउन का छठवां दिन है। आम लोगों के लिए भोजन व अन्य सुविधाओं के लिए शासन ने समय निर्धारित किया है। शहर में घूमने वाले बेसहारा मवेशियों के लिए चारे व पानी की शहर में कहीं कोई व्यवस्था नहीं है। सुबह 10 बजे के बाद सभी घरों का दरवाजा बंद हो जाता है। दुकानों का शटर गिर जाता है। शहर के सभी गलियों और सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। ऐसे में बेसहारा मवेशियों की दिक्कत बढ़ गई है। इन्हें खाने के लिए शहर में न पर्याप्त चारा मिल पा रहा है और न ही पीने का पानी। दोपहर को बेसहारा मवेशी घरों के दरवाजों के पास नजर आते हैं, ताकि कोई उन्हें कुछ खाने के लिए रोटी या खाना उपलब्ध करा दें। बाजारों के पास बेकार में पड़े कचरे व डिब्बों में भोजन तलाशते रहते हैं, लेकिन पर्याप्त भोजन नहीं मिलने से उनकी भूख नहीं मिट पा रही है। शहर में कुछ पशु प्रेमी है, जो सुबह-शाम सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशी, कुत्तों को दो चार रोटी खिला जाते हैं। यह नेक प्रयास मवेशियों की भूख मिटाने के लिए काफी नहीं है। दोपहर को पीने के पानी के लिए तरस जाते हैं। हालांकि नगर निगम ने शहर के चौक-चौराहों पर कोटना की व्यवस्था की है, जहां कुछ राहत मिलती है। वहीं कुछ जगहों पर चलने वाली टोटियों पर मवेशी पानी पीते हुए नजर आते हैं। कुछ मवेशी तालाब में जाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। नगर निगम एमआईसी मेंबर व जल विभाग के प्रभारी अवैश हाशमी ने बताया कि बेसहारा मवेशियों के लिए गर्मी में प्यास बुझाने के लिए शहर के चौक-चौराहों पर कोटना की व्यवस्था की गई है, जहां से मवेशी प्यास बुझा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन