धमतरी : विद्युत शवदाह गृह के लिए 45 लाख स्वीकृत

धमतरी :  विद्युत शवदाह गृह के लिए 45 लाख स्वीकृत
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धमतरी, 16 मई ( हि. स.)। कोरोना संक्रमण से शहर में मौत का आंकड़ा बढ़ गया है। संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए अब विद्युत शवदाह गृह की स्वीकृति शासन से मिल गई है। ढाई से तीन माह के भीतर निगम द्वारा चिन्हांकित स्थान पर बन जाएगा, इससे शवदाह करने में सहूलियत होगी। धमतरी जिले में हर रोज कोरोना से 10 से 12 लोगों की मौत हो रही थी। इनमें से कुछ शहर के व कुछ गांवों के मृतक शामिल थे। शहर में एक ही दिन में तीन से चार मौत होने से अंतिम संस्कार के लिए परेशानी होती है। वहीं ग्रामीण अंचल के कोरोना से मृत कई शवों का अंतिम संस्कार शहर के कोरोना दाह स्थल महानदी मुख्य नहर किनारे होता था। शव अधिक होने से परिजनों को कई परेशानी उठाने के साथ अंतिम संस्कार के लिए इंतजार भी करना पड़ता था। भविष्य में कोरोना से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से महापौर विजय देवांगन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से विद्युत शवदाह गृह की मांग की थी, ताकि शहर व क्षेत्रवासियों को परेशानी न हो। महापौर की मांग को गंभीरता से लेते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आनलाइन वर्चुअल बैठक में विद्युत शवदाह गृह के लिए 45 लाख की स्वीकृति दी है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया हैं, जो प्रक्रियाधीन है। जल्द ही विद्युत शवदाह गृह का निर्माण नगर निगम के द्वारा स्थल चयन के बाद किया जाएगा। ढाई से तीन माह के भीतर शहर में विद्युत शवदाह गृह का निर्माण पूर्ण हो जाएगा, इसका सीधा लाभ जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा। वहीं कोरोना से मौत हो जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी। महापौर विजय देवांगन का कहना है कि वर्तमान में महानदी मुख्य नहर किनारे कोरोना मृतकों का जहां पर अंतिम संस्कार के लिए शेड बनाया गया है, इसके आसपास ही खाली पड़े जगह पर विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया जाएगा। क्योंकि यह सर्व सुविधा युक्त स्थान है, जहां लोगों की किसी तरह की आबादी भी नहीं है। उल्लेखनीय है कि कोरोना मृतकों के लाश को सोरिदवार्ड के मुक्तिधाम में जलाने का भारी विरोध हुआ था। विद्युत शवदाह गृह बनने के बाद अब कोई विवाद नहीं होगा। विंध्यवासिनी मंदिर ट्रस्ट कराएगा शेड का निर्माण महापौर विजय देवांगन ने बताया कि यहां पर कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए शेड विंध्यवासिनी मंदिर ट्रस्ट द्वारा निर्माण कराया जाएगा। साथ ही अंतिम संस्कार में पहुंचे उनके परिजनों का बारिश व धूप से बचने के लिए प्रतीक्षा शेड का निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो। इस पहल के लिए महापौर विजय देवांगन ने मंदिर ट्रस्ट का आभार भी व्यक्त किया है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन