रंगापाड़ा में डायन के संदेह में विधवा महिला की हत्या

रंगापाड़ा में डायन के संदेह में विधवा महिला की हत्या
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शोणितपुर (असम), 26 अप्रैल (हिस)। राज्य में फिर से एक बार अंधविश्वास की बलि एक 53 वर्षीय अधेड़ महिला लखेश्वरी दैमारी चढ़ गयी। हालांकि, किसी तरह से मृत महिला का 11 वर्षीय नाती मोहित दैमारी की जान बच गयी। घटना 24 अप्रैल की रात की बतायी गयी है। पुलिस को मामले की सूचना 25 अप्रैल की दोपहर को मिली। दूर दराज इलाका होने की वजह से रविवार की रात तक शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेजने में पुलिस सफल रही। फिलहाल पुलिस आरोपी को पकड़ने में जुटी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना रंगापाड़ा थाना अन्तर्गत एक नं गेरगुवाजुली में 24 अप्रैल की मध्य रात्रि को घटी। हत्याकांड के संबंध में मृतका के नाती ने अपनी आंखों देखी कहानी बयां करते हुए बताया कि रात के अंधेरे में 07 से 08 लोग घर में प्रवेश कर मेरा मुंह (मोहित दैमारी) का और हाथ बांध दिया। उसके बाद मेरी नानी को यानी विधवा महिला को बांस के डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। आरोपी गेरगुवाजुली गांव से प्रायः एक किमी दूर घने जंगल के बीच महिला के शव को जमीन में दो फुट नीचे गाड़ दिया। वहीं रस्सी से बंधा मोहित दैमारी अपना हाथ व पैर छुड़ाकर भागकर अपनी जान बचाने में सफल हो गया। घटना के अगले दिन यानी 25 अप्रैल को गांव में इस खबर को लेकर सनसनी फैली। गांव के कुछ लोगों ने रंगापाड़ा थाने में हत्या के संबंध में जानकारी दी। रंगापाड़ा थाना प्रभारी हितेश शर्मा और चारीदुआर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में घटना स्थल पर पहुंचकर पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से जंगल से शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए तेजपुर मेडिकल कालेज अस्पताल में भेज दिया। रंगापाड़ा पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अभिय़ान छेड़े हुए है। गांव के लोगों ने बताया है विधवा महिला साग- सब्जी बेचकर किसी तरह अपना और नाती का पेट पालने के साथ ही उसकी पढाई का भी खर्च उठाती थी। हिन्दुस्थान समाचार/ जयकिशोर/ अरविंद