हिमाचल में भ्रष्टाचारियों पर विजीलैंस का शिकजा, 6 साल में 237 एफआईआर दर्ज

हिमाचल में भ्रष्टाचारियों पर विजीलैंस का शिकजा, 6 साल में 237 एफआईआर दर्ज
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विजीलैंस ने 293 मामलो की जांच को किया पूरा ,89 रिश्वतखोर भी पकड़े आईपीएस सतिंद्र पाल सिंह ने संभाला एडीजी विजिलेंस का अतिरिक्त कार्यभार शिमला, 22 मई (हि.स.)। आईपीएस अधिकारी सतिंद्र पाल सिंह ने प्रदेश सर्तकता एंव भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) में एडीजी विजिलेंस का अतिरिक्त कार्यभार शनिवार को संभाल लिया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले एडीजी विजिलेंस अनुराग गर्ग ने विजिलेंस के कार्यभार को नए एडीजी के सुपूर्द कर दिया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले अनुराग गर्ग ने पिछले 6 सालो में विजिलेंस में की गई केसो की जांच और ट्रैप केस के बारे में शनिवार को जानकारी दी कि विजीलैंस ने किस तरह से इन सालो में भ्रष्टाचारियो और रिश्वतखोरो पर कार्रवाई की। गर्ग ने बताया कि विजीलैंस ने 6 सालो में 237 एफआईआर, 1627 मामलो की जांच और 89 रिश्वतखोर भी पकड़े है। विजीलैंस ने इन 6 सालो में 294 मामलो की जांच भी पुरी की है । यही नही विजीलैंस के पास जो 1627 मामलो की शिकायते आई थी उनमें भी 1474 शिकायतो की जांच को पुरा कर लिया गया है। इसके साथ ही इन वितीय सालों में भ्रष्ट अफसरों और भ्रष्टाचार करने वाले 89 रिश्वतखोरो भी रंगे हाथो पकडऩे में सफलता हासिल की है। विजीलैंस में 6 सालों में दर्ज हुए केसो के आंकड़ो पर नजर दौड़ाए तो साल 2015-16 में 35, साल 2016-17 में 31, 2017-18 में 28, 2018-19 में 35, 2019-20 में 69 और 2020-21 में 39 मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही विजीलैंस ने इन वितिय सालो के दौरान जिन केसो की जांच पुरी की उनमें 2015-16 में 44, 2016-17में 57, 2017-18 में 49, 2018-19 में 38, 2019-20 में 45, और 2020-21 में 60 केसो की जांच पुरी कर दी । विजीलैंस ने इस दौरान कई सालो से लंबित पड़े मामलो की जांच भी पुरी की है। अब विजीलैंस के पास आने वाली शिकायतो की बात करे तो साल 2015-16 में 227, 2016-17 में 258, 2017-18 में 226, 2018-19 में 420, 2019-20 में 223 यानी कुल 1627 शिकायते आई है ,जिनमें महकमे ने साल दर साल शिकायतो पर कार्रवाई करते हुए 1474 शिकायतो की प्रारंभिक जांच पुरी कर फाईल ही बंद कर दी अब केवल 153 शिकायते ही जांच करने के लिए विभाग के पास लंबित पड़ी ह़ई है। विजीलैंस ने इन वितीय सालों में रिश्वतखोरो पर भी खुब शिकंजा कसा। साल 2015-16 में 15, 2016-17 में 13, 2017-18 में 9, 2018-19 में 21, 2019-20 में 21 और 2020-21 में 10 कर्मचारियो और अफसरो को रिश्वत लेते रंगे हाथो पकडऩे में सफलता भी हासिल की है । प्रदेश सर्तकता एंव भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) के नए एडीजी विजिलेंस आईपीएस अधिकारी सतिंद्र पाल सिंह ने बताया कि उनकी प्राथमिकता रहेगी कि विजिलेंस में लंबित चल रहे केसो की छानबीन को पुरा किया जाए। उन्होने कहा कि विजिलेंस में आने वाली शिकायतो पर भी प्राथमिकता के आधार से उन पर उनकी जांच पड़ताल समय रहते ही की जाएगी। विजिलेंस की कार्यप्रणाली को चुस्त दरूस्त किया जाएगा। भ्रष्टाचारियों के साथ किसी तरह का कोई समझोता नही किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/सुनील