बदलती चुनौतियों के बीच उप्र एसटीएफ ने तय किया 23 वर्षों का सफर

बदलती चुनौतियों के बीच उप्र एसटीएफ ने तय किया 23 वर्षों का सफर
up-stf-takes-23-years-to-travel-amidst-changing-challenges

लखनऊ, 04 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में 04 मई, 1998 को राज्य के तत्कालीन एडीजी अजयराज शर्मा ने बेहतरीन 50 जवानों को छांटकर 'यूपी एसटीएफ' का गठन किया था। आज यूपी एसटीएफ ने 23 वर्षों का सफर पूरा कर लिया है। इसके इतिहास के पन्नों में प्रदेश का पूरा अपराध जगत समाया हुआ है। बुलंद हौसले के साथ संगठित अपराध पर नकेल कसने वाली यूपी एसटीएफ में कई नामचीन आईपीएस अधिकारियों की चर्चाएं होती रही हैं। बीते 23 वर्षों में यूपी एसटीएफ ने अपने काम करने के तौर-तरीके में काफी बदलाव लाया है, जिसने संगठित अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया और अपराधियों के मन में एसटीएफ का डर पैदा किया। यूपी एसटीएफ मुख्यालय में बतौर कार्यवाहक एसएसपी नियुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में संगठित अपराध ने अपना चेहरा बदला है और अब साइबर-क्राइम जैसे अपराध संगठित रूप से किए जा रहे हैं। आजकल एसटीएफ के पास साइबर-क्राइम के मामले ज्यादातर आ रहे हैं। उन मामलों को सही तरह जांच पड़ताल कर निपटाया जा रहा है। साइबर क्राइम को रोकने के लिए मंडल स्तर पर साइबर-क्राइम थाना खुला है, जहां से आने वाले बड़े मामलों पर भी अपनी नजर बनी रहती है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष का रिकॉर्ड उठाकर देखा जाए तो यूपी एसटीएफ ने तमाम इनामी अपराधियों को मुठभेड़ में पकड़ा है। इसी तरह अपराध पर नकेल कसने के लिए शराब, गांजा तस्करों से लेकर आबकारी विभाग को चूना लगा रहे लोगों तक की गिरफ्तारी की गई है। चंबल के डकैतों पर लगाम कसी गई है तो नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वालों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया है। दूसरे राज्यों से अपराधियों की खोज में आने वाले पुलिस अधिकारियों की भी यूपी एसटीएफ ने बढ़-चढ़कर मदद की है और अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने यूपी एसटीएफ के 23 वर्ष पूरे होने पर कहा कि आज का दिन एसटीएफ में काम कर रहे और काम कर चुके सभी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के लिए खुशी का दिन है। दो वर्ष के बाद यूपी एसटीएफ अपनी 25वीं वर्षगांठ मनाएगी। उल्लेखनीय है कि 90 के दशक के कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला को गिरफ्तार करने के लिए उत्तर प्रदेश में पहली बार यूपी एसटीएफ का गठन 04 मई, 1998 को हुआ था और गठन के 4 महीने 18 दिन बाद यूपी एसटीएफ ने श्रीप्रकाश को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। यूपी एसटीएफ ने बीते 23 वर्षों में कई मुठभेड़ किये और छोटे बड़े 50 गिरोहों में सक्रिय इनामी अपराधियों को जेल के पीछे पहुंचाया। हिन्दुस्थान समाचार/शरद