संजीत हत्याकांड : एडीजी जोगदंड को मां ने रो-रोकर बताया पुलिस की शिथिलता

 संजीत हत्याकांड : एडीजी जोगदंड को मां ने रो-रोकर बताया पुलिस की शिथिलता
संजीत हत्याकांड : एडीजी जोगदंड को मां ने रो-रोकर बताया पुलिस की शिथिलता

- एडीजी ने फिरौती के लिए दिए गए रुपए की ली पूरी जानकारी कानपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का अपहरण व हत्याकांड से पुलिस की जबरदस्त किरकिरी हुई है। हालांकि शासन ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर एसपी समेत 11 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। अब शासन के निर्देश पर पुलिस एक-एक बिन्दु की जांच कर रही है और 30 लाख रुपये पुलिस के जरिये अपहरणकर्ताओं को दिये जाने पर पुलिस मुख्यालय के एडीजी वीपी जोगदंड जांच कर रहे हैं। शनिवार को संजीत के घर पहुंचे एडीजी को संजीत की मां ने रो-रो कर पुलिस की शिथिलता और अपना दर्द बयां की। मां ने बताया कि शुरु से ही पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही और आज मेरा एकलौता लाल जिंदा नहीं रहा। संजीत अपहरण हत्या कांड में 30 लाख की फिरौती दिए जाने के मामले की शासन से जांच कराई जा रही है। इसके लिए एडीजी पुलिस मुख्यालय बीपी जोगदंड को जांच अधिकारी बनाया गया है। एडीजी संजीत के घर पहुंचे जहां उन्होंने स्वजनों से एक कमरे में अलग से आधा घंटे तक बात कर उनके बयान दर्ज कराए। इस दौरान उन्होंने पिता चमन सिंह से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एडीजी के साथ आये सीओ ने बयान दर्ज किए। दिवंगत संजीत की मां कुसुम ने एडीजी को बताया कि गुमशुदगी लिखवाने के लिए कई बार थाने के चक्कर काटे, दो दिन बाद भी जब कोई जानकारी नहीं हुई तो एसएसपी से गुहार लगाई गई। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मां ने बताया कि एसपी साउथ के दफ्तर कई बार मदद मांगने के लिए गए। कई घंटे तक दफ्तर के बाहर खड़े रहना पड़ता था। इसके साथ ही बर्रा के पूर्व इंस्पेक्टर रणजीत राय व जनता नगर चौकी प्रभारी राजेश कुमार ने भी किसी तरह की कोई मदद नहीं की। इस वजह से मेरा बच्चा आज मेरे साथ नहीं है। जिम्मेदार पुलिस कर्मियों पर दर्ज हो मुकदमा पिता चमन यादव ने एडीजी जोगदंड से मांग की कि सभी आरोपित पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया जाये। पिता ने एडीजी को बताया कि रकम देने से दो घंटे पहले एसपी साउथ के दफ्तर गए थे। वहां एसपी ने कहा था कि संजीत को सकुशल बरामद करना मेरी जिम्मेदारी है। मेरी टीम लगी है, आप चिंता मत करिये। इसके बाद एडीजी ने फिरौती की रकम की व्यवस्था कहां से की इस बारे पूछा तो चमन ने कहा कि शादी का रुपया, दो लाख कर्ज, एक लाख के जेवर गिरवी रखे हैं। एडीजी ने गिरवी जेवर की पर्ची मांगी तो स्वजन ने कहा कि जिनके पास जेवर गिरवी रखे हैं, वह मिलने वाले हैं, इसलिए पर्ची नहीं ली। इस पर एडीजी ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजनी है। उन्होंने दो दिन में फिरौती की रकम का पूरा ब्योरा मांगा है। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/मोहित-hindusthansamachar.in

अन्य खबरें

No stories found.