संजीत हत्याकांड : एडीजी वीपी जोगदंड पहुंचे पीड़ित के घर, 30 लाख फिरौती की करेंगे जांच
संजीत हत्याकांड : एडीजी वीपी जोगदंड पहुंचे पीड़ित के घर, 30 लाख फिरौती की करेंगे जांच
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संजीत हत्याकांड : एडीजी वीपी जोगदंड पहुंचे पीड़ित के घर, 30 लाख फिरौती की करेंगे जांच

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- परिजन 30 लाख रुपये फिरौती दिये जाने की कह रहे बात, पुलिस रही नाकार कानपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। बर्रा के लैब टेक्नीशियन संजीत यादव की अपहरण के बाद हत्या हो जाने पर जहां पुलिस जांच कर रही है तो वहीं शासन ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। इस कांड में सबसे बड़ी संदिग्ध भूमिका पुलिस की है, क्योंकि परिजन कह रहे हैं कि पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपये दिलाये वहीं पुलिस इस बात को नकार रही है। हालांकि एसपी दक्षिण समेत 11 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को शासन ने निलंबित कर दिया है और 30 लाख रुपये फिरौती के मामले की जांच एडीजी पीएचक्यू वीपी जोगदंड को सौंपी है। देरशाम को एडीजी जोगदंड पीड़ित पिता चमन यादव के घर पहुंचे र परिजनों से बात कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है। कानपुर के बर्रा के लैब टेक्नीशियन संजीत यादव हत्याकांड में फिरौती के तीस लाख रुपये दिए जाने की जांच सरकार ने एडीजी पीएचक्यू वीपी जोगदंड को सौंपी है। एडीजी जोगदंड पीड़ित परिवार के घर पहुंच चुके हैं और जानकारी जुटा रहे हैं, हालांकि अभी उन्होंने मीडिया से बात करने से मना कर दिया है और कहा कि जांच होने पर ही आगे की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि संजीत के परिजनों ने पहले कहा था कि पुलिस के कहने पर उन लोगों ने अपहरणकर्ताओं को तीस लाख की फिरौती दी थी, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई। इसके बाद परिजनों ने अपना बयान बदल लिया। संजीत की बहन ने कहा था कि उन लोगों को खाली बैग अपहरणकर्ताओं को दिया था। इसके बाद एक बार फिर संजीत की बहन ने बयान बदला और कहा कि पुलिस कर्मियों के दबाव में कहा कि बैग में रुपया नहीं था, क्योंकि एक दारोगा कह रहे थे कि अगर बयान नहीं बदलते तो भाई की हत्या हो सकती है। इस मामले में एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन सीओ मनोज गुप्ता, एसओ और चौकी इंचार्ज सहित 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। फर्जी आईडी पर लिए गये सिम बर्रा पुलिस ने बताया कि अपहरण से पहले संजीत के फोन पर जितने भी नम्बर से बात हुई थी, उन सबकी जांच की गई। इनमें सामने आया है कि कई सिम फर्जी आईडी पर लिए गए हैं। एक नंबर दबौली के मोबाइल शॉप से रिचार्ज कराया गया था। यह सिम कार्ड मध्य प्रदेश के कटनी का था और किसी छोटू कौल के नाम पर रजिस्टर्ड था। बाकी अन्य नम्बर के सिम की जांच की कड़ी में चकरपुर मंडी और दबौली के मिश्रीलाल चौराहे के पास से दो मोबाइल दुकानदारों को भी उठाकर पूछताछ की जा रही है। पिता की बिगड़ी तबीयत बेटे की हत्या के बारे में पता चलते ही पिता चमनलाल की तबीयत बिगड़ गई है। बहन कुसमा ने बताया कि जब से भाई गायब हुआ था वह पूरी-पूरी रात सो नहीं पाते हैं। भूख भी ठीक से नहीं लगती है। इससे वह काफी कमजोर भी हो गए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/दीपक-hindusthansamachar.in