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जयपुर सेंट्रल जेल में आपस में भिडे बंदी: जेल प्रशासन ने अन्य जेलों में किया शिफ्ट

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जयपुर, 03 अप्रेल (हि.स.)। जयपुर सेंट्रल जेल में मामूली बात को लेकर एक बार फिर से गंभीर धाराओं में कैद बंदी आपस में भिड़ गए और एक दूसरे पर हमला बोल दिया। गनीमत रही कि मारपीट के दौरान किसी को गंभीर चोटें नहीं आई। बाद में जेल प्रशासन ने बंदियों को अलग-अलग सैल में बंद किया और उसके बाद खूंखार बंदियों को वहां से अन्य जेलों में तबादला कर दिया गया। इस संबंध में लालकोठी थाने में आपस में भिड़े कैदियों के एक पक्ष की ओर से मामला दर्ज करवाया है। अब लालकोठी पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच अधिकारी एएसआई कैलाश चंद ने बताया कि सीकर जिले में तैनात थानाधिकारी मुकेश कानूनगो और एक अन्य पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद खूंखार बदमाश अजय चौधरी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर जेल में बंद सुरेंद्र उर्फ बंटी और उसके साथियों पर हमला कर दिया। इस दौरान तकरीबन एक दर्जन कैदी आपस में भिड़ गए और जेल प्रहरियों ने बड़ी मुश्किल से कैदियों पर काबू पाया। उसके बाद खूंखार बंदियों को वहां से अन्य जेलों में तबादला कर दिया गया। जेल में फोन बूथ पर बात करने को लेकर विवाद हुआ था विवाद पुलिस ने बताया कि जेल में फोन बूथ पर बात करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। जहां सुरेंद्र उर्फ बंटी की गैंग के एक सदस्य ने अजय चौधरी गैंग के एक सदस्य को तमाचा जड़ दिया। उसके बाद अजय चौधरी अपने साथी राज कुमार, सोनू व अन्य के साथ बैरक नंबर दो में जा पहुंचा और वहां मौजूद सुरेंद्र,सीताराम और अन्य कैदियों पर हमला कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक कैदी आपस में बुरी तरह से मारपीट करने लगे। झगडे की सूचना पर जेल प्रहरीयों ने बड़ी मुश्किल से कैदियों पर काबू पाया। इस दौरान सुरेंद्र पक्ष के एक कैदी के जबड़े पर गंभीर चोट लगी, जिसका पुलिस द्वारा मेडिकल करवाया गया। वहीं इस पूरे मामलों को लेकर सुरेंद्र उर्फ बंटी की तरफ से लालकोठी थाने में अजय चौधरी और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। खूंखार बंदियों को अन्य जिलों की जेलों में किया गया शिफ्ट जयपुर सेंट्रल जेल में खूंखार कैदियों के आपस में भिड़ने के घटनाक्रम के बाद जेल विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर मारपीट करने वाले कैदियों को अलग-अलग जिलों की जेलों में शिफ्ट किया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बंदियों का तबादला अलवर, भरतपुर और अजमेर की जेल में किया है। इसके साथ ही कैदियों को अन्य कैदियों के साथ बैरक में बंद ना कर अलग बैरक में बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में बंद थे बंदी पुलिस ने बताया कि बैरक नंबर दो में कई बंदी बंद हैं। जिन बंदियों ने आपस में मारपीट की उनमें से अधिकतर हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में बंद हैं। पहले तो दोनो ही पक्षों ने मुकदमा दर्ज कराने से इंकार कर दिया। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाई तो एक पक्ष ने मुकदमा दर्ज कर लिया। दोनों ही गैंग खतरनाक पुलिस ने बताया कि मारपीट करने वाली दोनो ही गैंग खतरनाक है। मारपीट करने वाले एक पक्ष अजय चौधरी पर तो सीकर में दो साल पहले पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। आरोप है कि उसने और उसकी गैंग ने सीकर मे एक बड़ी वारदात करने की तैयारी के दौरान बीच में आए थानाधिकारी मुकेश कानूनगो और एक अन्य पुलिसकर्मी को गोली मार दी थी। दोनो की हत्या करने के बाद पूरी गैंग फरार हो गई थी। वहीं दूसरे पक्ष बंटी भी जयपुर में झालाना में इंद्र कुमार नाम के एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में आरोपी है। बताया जा रहा है कि जेल से ही इस हत्याकांड को कुछ साल पहले अंजाम दिया गया था। अन्य बंदी भी मारपीट और हत्या की धाराओं में बंद हैं। हिन्दुस्थान समाचार/दिनेश/संदीप