मप्र सरकार ने अस्पतालों से 30 नवंबर तक वार्षिक फायर ऑडिट रिपोर्ट मांगी

 मप्र सरकार ने अस्पतालों से 30 नवंबर तक वार्षिक फायर ऑडिट रिपोर्ट मांगी
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भोपाल, 12 नवंबर (आईएएनएस)। यहां के एक सरकारी अस्पताल में आग लगने की घटना में पांच शिशुओं की मौत के कुछ दिनों बाद शहरी विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों में अनिवार्य फायर परीक्षा के लिए 30 नवंबर की समय सीमा तय की है। प्रमुख सचिव (अंडर डेवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्टमेंट) मनीष सिंह द्वारा जारी एक अधिसूचना में राज्य के सभी जिला प्रशासनों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में चल रहे अस्पतालों की रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है। वे अस्पताल- सरकारी और निजी दोनों, निर्देश का पालन करने में विफल रहे, उन्हें लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने मामले की जांच के लिए दमकल विभाग के 57 अधिकारियों की एक टीम नियुक्त की है। इसमें कहा गया है कि 500 वर्गमीटर तक फैले और 9 मीटर तक की ऊंचाई वाले अस्पतालों या नसिर्ंग होम में अग्निशामक यंत्र होने चाहिए। नोटिस में कहा गया है, अस्पताल प्रशासन को कम से कम तीन साल के काम का अनुभव रखने वाले दमकल अधिकारी को नियुक्त करने का निर्देश दिया जाता है। यह भी निर्देश दिया जाता है कि हर साल 30 जून तक फायर ऑडिट रिपोर्ट पेश की जाए। जिला कलेक्टरों, नगर आयुक्तों को अस्पतालों, नसिर्ंग होम और होटलों की वार्षिक फायर ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। 8 नवंबर को कमला नेहरू अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद दम घुटने से पांच शिशुओं की मौत के बाद यह कार्रवाई हुई है। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाकर मामले की जांच के निर्देश दिए। चौहान ने अस्पताल से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया। --आईएएनएस एसकेके/आरजेएस

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