बुरहानपुर में नोट तस्कर निकला विधायक प्रतिनिधि
बुरहानपुर में नोट तस्कर निकला विधायक प्रतिनिधि
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बुरहानपुर में नोट तस्कर निकला विधायक प्रतिनिधि

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बुरहानपुर, 04 जुलाई (हि.स.)। उज्जैन की एसटीएफ ने नकली नोट बनाने वाले एक शातिर गिरोह को धर दबोचा। स्पेशल टास्क फोर्स ने दो आरोपितों को 9 लाख के नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया है। इसमें जिले के दो आरोपित शामिल हैं, जिसमें एक नेपानगर विधायक सुमित्रा कास्डेकर द्वारा आबकारी विभाग में विधायक प्रतिनिधि बनाया गया किरण पिता चांगदेव सोंडकर भी है। जो आदिवासी विकासखंड खकनार के ग्राम मांजरोद का रहने वाला है। विधायक ने कहा मुझे जिसे ही जानकारी मिली उसे विधायक प्रतिनिधि पद से हटा दिया गया है, लेकिन इससे एक बाद खुलकर सामने आई है कि आए दिन नेपानगर के बाजार, पेट्रोल पंपों में नकली नोट निकलने की जो शिकायतें आती थी उसका कनेक्शन कहीं न कहीं इस नोट तस्कर से जरूर जुडता है। मिली जानकारी के अनुसार उज्जैन एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि सुनील पाटिल व श्रीराम गुप्ता नाम के दो व्यक्ति स्कूटी वाहन क्रमांक एमपी 46 एमके 9687 से इंदौर से उज्जैन की ओर आ रहे हैं। जिनके पास दो-दो हजार के नकली नोट हैं। जिस पर कार्यवाही करते हुए उज्जैन एसटीएफ की टीम ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। दोनों आरोपित कई वर्षों से नकली नोट का कारोबार कर रहे थे। सुनील पाटील बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील का निवासी है और उसपर पहले भी नकली नोट बना कर मार्केट में सप्लाई करने का मामला पंजीबद्ध है। वहीं दूसरा आरोपी बड़वानी जिले की सेंधवा तहसील से है। इनसे की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने नेपानगर विधायक प्रतिनिधि किरण पुत्र चांगदेव सोंडकर को भी गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपित इसे ही नकली नोट देने की तैयारी में थे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार विधायक प्रतिनिधि बनाया जा सकता है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि बनाना आवश्यक ही है, लेकिन इसके बावजूद अपने समर्थकों को बिना उनका आपराधिक रिकार्ड जाने विधायक प्रतिनिधि बना दिया जाता है। खास बात तो यह है कि बुरहानपुर जिले में कोई ऐसा सरकारी विभाग नहीं होगा जहां विधायकों ने अपने प्रतिनिधि न बनाए हों। वहीं इसे लेकर जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए मामले में नेपानगर विधायक सुमित्रा कास्डेकर ने कहा कि जैसे ही मामले की जानकारी लगी तुरंत किरण सोंडकर को प्रतिनिधि के पद से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस समर्पित था इसलिए उसे प्रतिनिधि बनाया गया था। हमें यह बिल्कुल पता नही था कि वह इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल है। कांग्रेस विधायक सुमित्रा कास्डेकर के प्रतिनिधि के नकली नोट तस्करी के मामले को भाजपा ने आडे हाथों लिया। इसे लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने कहा कि इस आधार पर विधायक को अपने पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कईं ऐसे प्रतिनिधि बना रखे हैं जिनका आपराधिक रिकार्ड जांचने की जरूरत है। विधायक प्रतिनिधि तब ही बनाया जाता है जब वह जनप्रतिनिधि का करीबी कार्यकर्ता हो, लेकिन विधायक उसे केवल पद से हटाकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती, बल्कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। हर सरकारी विभाग में प्रतिनिधि बना दिए गए हैं। विधायक नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें- लधवे हिन्दुस्थान समाचार/निलेश जूनागढ़े/राजू-hindusthansamachar.in