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क्राइम

लाल बाबा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को मृत घोषित किया, गिरफ्तारी का आदेश

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ऋषिकेश, 04 अप्रैल (हि.स.)। रत्नेश कुमार उर्फ लाल बाबा की मौत नहीं हुई। वह जिंदा है। अदालत ने सच से पर्दा उठने पर लाल बाबा के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है। लाल बाबा दरगईनाथ आश्रम कबीर चौरा, लक्ष्मण झूला रोड का रहने वाला है। फिलहाल वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। दरअसल लाल बाबा का 2013 में अपने भाई महंत प्रदीप गिरी निवासी कबीर चौरा आश्रम, लक्ष्मण झूला रोड, ऋषिकेश के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। 2014 में प्रदीप गिरी ने लाल बाबा के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। न्यायालय ने लाल बाबा को दोषी पाया। इसके बाद गिरफ्तारी के आदेश दिए। इस दौरान लाल बाबा जमानत कराकर फरार हो गया। लाल बाबा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए 2017 में न्यायालय में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल कर मामले को खत्म करवा दिया। इसका खुलासा ऋषिकेश निवासी ऋषि राजपूत ने किया। उन्होंने जिला जज देहरादून के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर लाल बाबा के जीवित होने की सच्चाई से वाकिफ कराया। जिला जल ने इस पर संज्ञान लेते हुए सिविल जज (जेडी/जेएम) ऋषिकेश को कार्रवाई करने के आदेश दिए। सिविल जज ने संबंधित लोगों से पूछताछ की। इसमें साफ हुआ कि लाल बाबा ने न्यायालय के समक्ष कूटरचित प्रमाणपत्र दाखिल किया। इसके बाद सिविल जज ऋषिकेश ने 28 मार्च 2021 को लाल बाबा के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 468, 470 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम/मुकुंद