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क्राइम

मांझी उप डाकघर में 17 लाख की सरकारी राशि का गबन

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छपरा, 20 फरवरी (हिस)| जिले के मांझी उप डाकघर में करीब 17 लाख रुपए सरकारी राशि फर्जी निकासी कर गबन कर लिये जाने का खुलासा होने के बाद शनिवार को तत्कालीन उप डाकपाल समेत तीन डाक कर्मियों के खिलाफ मांझी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। डाकघर में घोटाले की खबर से उपभोक्ता आश्चर्यचकित है और सभी अपने अपने खाते की जांच कराने के लिए शनिवार को डाक घर पहुंचे |इसी बीच लिंक फेल होने का बहाना बनाकर डाकघर के कर्मचारी व पदाधिकारी फरार हो गए और दिन भर डाकघर बंद रहा । एकमा के डाक निरीक्षक मृत्युंजय कुमार सिंह के लिखित आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में तत्कालीन उप डाकपाल रिविलगंज थाना क्षेत्र के नयका टोला रिवील गंज बाजार निवासी शिवजी राम, डाक सहायक वह मांझी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव निवासी सहदेव प्रसाद यादव तथा आउटसोर्सिंग स्टाफ ताजपुर फुलवरिया गांव निवासी आशुतोष कुमार सिंह को नामजद किया गया है। आरोप है कि मांझी उप डाकघर के खाता धारक संयोगिया कुंवर के खाता संख्या 37 95 930 458 से 16 लाख 74 हजार 999 रुपये की फर्जी निकासी की गई है। डाक निरीक्षक ने कहा है कि अक्टूबर 2017 से अप्रैल 2019 के बीच नौ किस्तों में राशि की निकासी की गई है। पहली निकासी 28 नवंबर 2017 को 49999 रुपये की गई। दूसरी निकासी 25 जून 2018 को 75000 रूपये, तीसरी निकासी 26 अक्टूबर 2018 को एक लाख रुपये, चौथी निकासी 3 नवंबर 2018 को एक लाख रुपये, पांचवी निकासी 7 दिसंबर 2018 को एक लाख रुपये, छठी निकासी 20 दिसंबर 2018 को एक लाख 50 हजार रुपये, सातवीं निकासी पांच जनवरी 2019 को तीन लाख रुपये, आठवीं निकासी नौ फरवरी 2019 को तीन लख रुपये और 9वीं निकासी 8 मार्च 2019 को पांच लाख रुपये की गई। उन्होंने आरोप लगाया है कि नियम का उल्लंघन करते हुए गलत ढंग से आउटसोर्सिंग स्टाफ के रूप में आशुतोष कुमार सिंह को तत्कालीन उप डाकपाल शिवजी राम तथा तत्कालीन डाक सहायक सहदेव प्रसाद यादव के द्वारा उप डाकघर में बहाल कर लिया गया और उसी से काम कराया जाता था। संयोगिया कुंवर अनपढ़ व वृद्ध महिला है, जिसके नाम से बिना उसको जानकारी दिए एटीएम कार्ड निर्गत कर दिया गया और निर्गत किए गए एटीएम कार्ड को उसे उपलब्ध नहीं कराया गया। उसी एटीएम कार्ड से तीनों कर्मियों ने मिलकर फर्जी निकासी नौ किश्तों में की, जिसमें कुल राशि 16 लाख 74 हजार 999 रुपये है। उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच मुजफ्फरपुर के एपीएमजी तथा छपरा के वरिष्ठ डाक अधीक्षक के स्तर पर जांच की जा रही है । जांच में गबन की गई सरकारी राशि और बढ़ जाने की संभावना है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि डाकघर से निकासी की गई 16 लाख 74 हजार 999 रुपये को सरकारी हिसाब में नहीं लिखा गया है, जिससे सरकारी राशि की क्षति हुई है। जांच में यह बात सामने आई है कि संजोगिया कुंवर अनपढ़ व वृद्ध महिला हैं। मांझी उप डाकघर के द्वारा उसके नाम पर बिना उसकी अनुमति के एटीएम कार्ड निर्गत किया गया और वह कार्ड उसे उपलब्ध भी नहीं कराया गया। सरकारी राशि की फर्जी तरीके से निकासी कर गबन करने के लिए उसी एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किया गया। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और इस मामले की जांच की जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार / गुड्डू /चंदा