साइबर अपराधी आधार कार्ड से आपको कर्जदार ना बना दे

साइबर अपराधी आधार कार्ड से आपको कर्जदार ना बना दे
do-not-make-you-a-debtor-with-cyber-criminal-aadhar-card

साइबर अपराधियों ने आधार कार्ड से एक शिक्षक के नाम लिए कर्ज मीरजापुर, 22 मई (हि.स.)। साइबर अपराधी अब अलग-अलग तरीकों से अपराधों को अंजाम देने लगे हैं। कोरोना काल में दवा, बेड, आईसीयू और वैक्सीनेशन के नाम पर पैसे ऑनलाइन लेने के बाद अब आधार कार्ड और पैन कार्ड मांग कर ऋण देने वाली कम्पनियों से कर्ज ले रहे हैं। इसकी जानकारी तब होती है जब ऋण देने वाली कम्पनी वसूली के लिए कानूनी नोटिस भेजती है। साइबर अपराधी व्हाट्सएप पर डीपी या सोशल साइट के माध्यम से फोटोग्राफ्स पहले चुराते हैं। इसके बाद मजबूरी में फंसे लोगों को कॉल करते हैं। उनसे दवा, वैक्सीनेशन या फिर अन्य कार्यों का लालच देकर जानकारी मांगते हैं। साइबर अपराधी उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार करते हैं। रजिस्ट्रेशन के नाम पर व्यक्ति का आधार कार्ड, पैन कार्ड का फोटो मांग लेते है। इसके बाद साइबर अपराधी ऑनलाइन लोन एप पर रजिस्टर्ड कर पीड़ित के पास आधार से जो मोबाइल लिंक होता है उस पर ओटीपी जाता है। साइबर अपराधी गुमराह कर उस ओटीपी को मांग लेता है और अपना बैंक अकाउंट नंबर को रजिस्टर्ड करके लोन ले लेते हैं।जब लोन ले लेते हैं तो आधार कार्ड से जुड़े नंबर पर मैसेज आता है। गत मार्च महीने में कछवां के बाड़ापुर निवासी प्राथमिक शिक्षक सतीश खरवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। साइबर ठगों ने उनके खाते से स्टेट बैंक की शाखा से 1.18 लाख रुपये कर्ज ले लिए। जब उन्हें जानकारी हुई तब थाने में रपट दर्ज कराई। हालांकि अभी तक उन्हें साइबर ठगों से लिए गए कर्ज का रुपया वापस नहीं मिला। कई कंपनियां देती है लोन आधार कार्ड और पैन कार्ड के सहारे कई कंपनियां ऑनलाइन दस्तावेज लेकर तुरंत लोन तीन हजार से तीन लाख तक देती हैं। यह लोन किसी व्यक्ति को ऐसे भी नहीं लेना चाहिए। इसका व्याज दर 12 से 18 प्रतिशत सप्ताहिक या मासिक लिया जाता है। लोन नहीं चुकाने पर कई तरह की धमकियां भी कम्पनियों के कर्मचारी देते हैंं। एक्सपर्ट की राय साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट दीपक कुमार ने कहा कि कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को अपना फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और मोबाइल पर आए ओटीपी बिल्कुल न दें। साइबर अपराधी कई लोन देने वाले कंपनी के वेबसाइट पर इन दस्तावेज को रजिस्टर्ड करके आपके नाम पर लोन ले लेंगे। इसमें अपराधी अपना स्वयं का बैंक अकाउंट नंबर भरते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ गिरजा शंकर/विद्या कान्त

अन्य खबरें

No stories found.