मप्र में दूध में मिलावट को रोकने टैंकरों में लगेंगे डिजिटल लॉक

 मप्र में दूध में मिलावट को रोकने टैंकरों में लगेंगे डिजिटल लॉक
digital-locks-will-be-installed-in-tankers-to-prevent-adulteration-of-milk-in-mp

भोपाल, 22 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में दूध और उसके उत्पादों में होने वाली मिलावट बड़ी चुनौती बना हुआ है, इस मिलावट को रोकने के लिए मप्र स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ने तकनीक का सहारा लेने का फैसला लिया है। इसके तहत दूध का संकलन करने वाले टैंकरों में जहां डिजिटल लॉक लगाए जाएंगे साथ ही व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम का सहारा भी लिया जाएगा। ज्ञात हो कि राज्य में दूध के संकलन और परिवहन के दौरान मिलावट की शिकायतें आई हैं। अरसे पहले टैंकरों में पानी व अन्य सामाग्री मिलाए जाने का मामला भी सामने आया था। अब डेयरी फेडरेशन ने तय किया है कि दूध के टैंकरों में मिलावट को रोकने के लिए दूध का संकलन करने वाले टैंकरों में डिजिटल लॉक और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने बताया है कि मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा जो दूध संकलन के टैंकरों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाएगा। पटेल के अनुसार लम्बे समय से दूध के टैंकरों में मिलावट की शिकायतें मिल रही थीं। यह कदम उठाए जाने से मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगेगा और दूध की गुणवत्ता बरकरार रहेगी। मंत्री पटेल ने बताया कि अप्रैल-जून में प्रदेश के दुग्ध संघों द्वारा 8 लाख 35 हजार 959 लीटर दूध संकलित किया गया, इनमें भोपाल दुग्ध संघ द्वारा 2 लाख 87 हजार 333, इंदौर दुग्ध संघ द्वारा 3 लाख 12 हजार 369, उज्जैन दुग्ध संघ ने 1 लाख 37 हजार 122, ग्वालियर दुग्ध संघ ने 22 हजार 290, जबलपुर दुग्ध संघ ने 49 हजार 285 और बुंदेलखण्ड दुग्ध संघ द्वारा 27 हजार 560 लीटर दूध का संकलन किया गया। इस अवधि में दुग्ध संघों द्वारा 5 लाख 99 हजार 810 लीटर दूध का विक्रय किया गया, जिनमें सर्वाधिक विक्रय 2 लाख 82 हजार 299 भोपाल दुग्ध संघ द्वारा और 2 लाख 11 हजार लीटर इंदौर दुग्ध संघ द्वारा किया गया। विक्रय से बचा हुआ 2 लाख 36 हजार 149 लीटर दूध दूसरे राज्यों को भेजा गया। --आईएएनएस एसएनपी/एएनएम