DGP's ban on ADG order for recognition of Police Association
क्राइम

डीजीपी का पुलिस एसोसिएशन की मान्यता को लेकर एडीजी के आदेश पर रोक

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गया, 09 जनवरी(हि स)। क्या बिहार में पुलिस एसोसिएशन नियम-कानून को दरकिनार कर संचालित है? यह दावा सूबे के विधि-व्यवस्था के अपर महानिदेशक अमित कुमार का है। एडीजी ने बीएमपी, होमगार्ड, स्पेशल ब्रांच सहित कई अन्य संघों को नियम विरुद्ध बता चुके हैं। उन्होंने बिहार पुलिस एसोसिएशन और बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के संचालन को लेकर सवाल उठाया है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस महानिदेशक ए के सिंघल ने एडीजी के आदेश पर रोक लगा दी है। एडीजी ने पुलिस एसोसिएशन के खिलाफ आदेश को लेकर सवाल पूछे जाने पर बताया कि किसी भी एसोसिएशन के गठन को लेकर नियमावली है। एडीजी के अनुसार राज्य के पुलिसकर्मी किसी भी संघ के सदस्य नहीं हो सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक है। बिहार पुलिस एसोसिएशन को लेकर राज्य सरकार की अनुमति नहीं है। उल्लेखनीय है कि बिहार पुलिस एसोसिएशन के सदस्य सहायक अवर निरीक्षक,अवर निरीक्षक और निरीक्षक संवर्ग के पुलिस पदाधिकारी होते है। एडीजी ने कहा कि बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन को पुलिस नियामावली के अनुसार मान्यता प्राप्त है। लेकिन यहां सरकार से अनुमति मिलने के बाद ही संविधान संशोधन करने की इजाजत है। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने बगैर राज्य सरकार की अनुमति के 20-25 संशोधन कर रखा है। उल्लेखनीय है कि बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के सदस्य आरक्षी, हवलदार एवं सहायक अवर निरीक्षक संवर्ग के नीचे के पुलिसकर्मी होते हैं। अमित कुमार के शब्दों में स्पेशल ब्रांच, बीएमपी, होमगार्ड सहित कई अन्य पुलिस संघों की स्थापना कर दी गई।जो पुलिस नियमावली के अनुसार मान्यता प्राप्त नहीं है। पुलिस नियमावली के विरुद्ध गठित कई पुलिस संघ 3/4 गैर कानूनी है। जिसका दुष्प्रभाव पुलिस महकमे के अनुशासन पर पड़ रहा है। एडीजी ने पूछे जाने पर बताया कि उनके उपरोक्त आदेश पर पुलिस महानिदेशक ए के सिंघल ने रोक लगा दी है। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/चंदा-hindusthansamachar.in