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क्राइम

राजीव रतन आवास योजना के फ्लैट में युवक का मिला शव, जीजा पर हत्या का आरोप

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नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। बाहरी उत्तरी जिले के नरेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित राजीव रतन आवास योजना के फ्लैटों में एक युवक का शव पड़ा मिला। शव के शरीर पर धारदार हथियार के अनगिनत निशान हैं। जिसके शरीर को आधा जलाकर उसकी पहचान छुपाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने शव की पहचान कर पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने हत्या का शक मृतक के जीजा पर जाहिर किया है, जो वारदात के बाद से ही फरार है। परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए आरोपित को छोड़ने की बात कही है। पुलिसमामला दर्ज कर फरार जीजा की तलाश में छापेमारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान करण कुमार के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ महावीर विहार कंझावला इलाके में रहता था। परिवार में पिता रामाचन्द मां सरस्वती पत्नी रिंकी और तीन बच्चे हैं। करण एयरपोर्ट पर नाईट में नौकरी करता था। जबकि सुबह वह कहीं और काम करता था। करण के चाचा के लडक़े शंकर कुमार ने बताया कि 31 की सुबह साढ़े आठ बजे करण नाईट डयूटी करके घर आया था। उसके जीजा पन्ना राम उर्फ पवन जोकि प्रेम नगर नरेला बवाना रोड पर परिवार के साथ रहता है। उसने करण को फोन कर बताया कि वह उसके पास आ जाए। उसको एक सुपरवाईजर की नौकरी लगवा देगा। अच्छा पैसा भी मिल जाएगा। करण घर पर बताकर अपना फोन घर पर छोड़ गया। जबकि पत्नी का फोन लेकर चला गया। करीब डेढ बजे से पहले करण से बातचीत हुई थी। लेकिन बाद में उसका फोन नहीं मिला। जीजा पन्ना राम को फोन कर उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। पन्ना ने उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। परिवार पन्ना राम के पास जब पहुंचा। पन्ना खुद ही थाने में चला गया। उसने बताया कि उसका साला करण कहीं गायब हो गया है और परिवार वाले उसपर ही शक कर रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर पन्नाराम को जाने दिया। खाली पड़े फ्लैट में पड़ी मिली करण की अधजली लाश परिवार वालों ने बताया कि एक अप्रैल को जब परिवार वाले उसको खोजते हुए काली माता मन्दिर, भोरगढ, नरेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित राजीव रतन आवास योजना फ्लैट में पहुंचे। वहां पर काफी तलाशने के बाद उनको एक बिल्डिंग की सीढिय़ों पर खून पड़ा दिखाई दिया। खून ऊपरी सीढियों तक पड़ा हुआ था। खून को देखते हुए वह दूसरी मंजिल तक चले गए। जहां पर खून के निशान ज्यादा दिखाई देने लगे। एक कमरे में पहुंचे तो वहां पर काफी ज्यादा खून बिखरा हुआ था। जबकि उससे सटे कमरे में करण की अधजली और खून से लथपथ हालत में लाश पड़ी हुई थी। उसके गले चेहरे पेट छाती आदि पर धारदार हथियार के अनगिनत निशान थे और उसके ऊपरी शरीर का हिस्सा जल चुका था। करण की पहचान छुपाने के लिए उसके हाथ पर गुदा हुआ नाम को भी जला व चाकू से गोद रखा था। पुलिस को सुबह नौ बजकर 46 मिनट पर वारदात की जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर बाबू जगजीवन राम अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिजनों को शक है कि करण की योजनाबद्ध तरीके से हत्या करने के बाद उसके टूकड़े करके या फिर उसको किसी बोरे में बांधकर कहीं पर ठिकाने लगाने की कोशिश रही होगी। तभी उसके चेहरे को जलाया गया और हाथ पर गुदा उसका नाम भी मिटाने की कोशिस की गई। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी