कोरोनाकाल में मौज-मस्ती करने के लिए बीटेक के छात्र ने ठगी, पठानकोट से गिरफ्तार

कोरोनाकाल में मौज-मस्ती करने के लिए बीटेक के छात्र ने ठगी, पठानकोट से गिरफ्तार
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नई दिल्ली, 13 मई (हि.स.)। मौज-मस्ती करने के लिए बीटेक के एक छात्र ने कोविड मरीजों के परिजनों को आईसीयू और ऑक्सीजन सुविधा घर पर उपलब्ध करवाने के नाम पर ठगी करना शुरू कर दिया। आरोपित ठगी की रकम को पांच सितारा होटल में उड़ाता और अपने सारे शौक पूरे करता। लेकिन उत्तरी जिला के साइबर सेल ने आरोपित को पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की पहचान गृहप्रवेश अपार्टमेंट, नोएडा सेक्टर-77 निवासी आर्यन सिंह उर्फ धनंजय (21) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के पास से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपित ने दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और मुंबई के करीब 47 लोगों को चूना लगाया था। आरोपित पीड़िता से चार से पांच हजार की ठगी करता था। उसे लगता था कि इतनी रकम के लिए शायद ही कोई उसकी पुलिस से शिकायत करेगा। आरोपित नोएडा के एक नामी कॉलेज से बीटेक का छात्र है। वह एक नामी संस्था के नाम पर ठगी कर रहा था। उत्तरी जिले के डीसीपी अंटो अल्फोंस ने बताया कि पिछले दिनों कोविड हेल्पलाइन पर एक शिकायत मिली थी। पीड़ित ने बताया कि उसके परिवार का एक सदस्य कोरोना से पीड़ित हैं। उसने सोशल मीडिया पर एक मैसेज दिखा। मैसेज में दावा किया गया था कि घर पर ही बहुत कम पैसों में आईसीयू और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। आरोपित खुद को एक नामी संस्था से होने का दावा कर रहा था। पीड़ित ने आरोपित के नंबर पर कॉल किया तो आरोपित ने अपना नाम धनंजय बताया। इसके बाद एक दिन का एडवांस डालने के लिए आरोपित ने पीड़ित से 3950 रुपये उसके खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा। रुपये डालने के बाद आरोपित ने पीड़ित का फोन ही उठाना बंद कर दिया। वजीराबाद थाने में इस संबंध में मामला दर्ज हुआ। लोकल पुलिस के अलावा जिले की साइबर सेल ने भी मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपित के नंबर के आधार पर उसकी लोकेशन की जांच की तो वह जम्मू में एक पांच सितारा होटल की मिली। फौरन एक टीम को जम्मू भेजा गया, लेकिन आरोपित वहां से निकल गया। पुलिस ने उसका पीछा शुरू किया। बाद में पठानकोट में आकर आरोपित को दबोचा गया। आरोपित ने बताया कि वह परिवार के साथ नोएडा में रहता है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल उसके दो मोबाइल फोन भी बरामद करने के अलावा उसके ऑनलाइन वॉलेट का भी पता लगा लिया। आरोपित ने बताया कि उसने ऑक्सीजन सिलिंडर और आईसीयू सुविधा घर पर ही उपलब्ध करवाने के नाम पर एक स्टोरी इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। आरोपित ने खुद को नामी संस्था से जुड़ा होने की बात की। लोगों ने उस पर अच्छा रिस्पोंस दिया। इसके बाद आरोपित चार से पांच हजार रुपये हर किसी से ठगने लगा। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी

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