एसीबी ने एलडीसी ट्रेप मामले में ग्राम विकास अधिकारी को बनाया आरोपी, जेटीए की भूमिका भी संदिग्ध

एसीबी ने एलडीसी ट्रेप मामले में ग्राम विकास अधिकारी को बनाया आरोपी, जेटीए की भूमिका भी संदिग्ध
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बाड़मेर, 09 जून (हि.स.)। चौहटन पंचायत समिति के डेलूओं का तला ग्राम पंचायत के कनिष्ठ सहायक जगदीशनाथ को मंगलवार को 2500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। एसीबी की प्रारम्भिक पूछताछ ने बाद ग्राम विकास अधिकारी रेखाराम सियाग को भी इस मामले में आरोपी बना दिया गया है। मामले में जेटीए की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। आरोपी जगदीश नाथ को बुधवार को जोधपुर एसीबी कोर्ट में पेश करने पर उसे 16 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामनिवास सुंडा ने बताया कि मंगलवार को ग्राम पंचायत डेलूओं का तला के कनिष्ठ सहायक को 2500 रुपये की रिश्वत लेते रंग हाथों गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जगदीश नाथ से फोन पर बात के आधार पर ग्राम विकास अधिकारी रेखाराम सियाग को भी आरोपी बनाया गया है। एफआईआर दोनों के नाम से दर्ज की गई है। जेटीए (कनिष्ठ तकनीकी सहायक) वगताराम की भूमिका भी मामले में संदिग्ध पाई गई है। मंगलवार को एलडीसी जगदीश नाथ के 2500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एलडीसी के फोन से ग्राम विकास अधिकारी को फोन करवाया गया था। दोनों की फोन पर हुई बात को रिकार्ड कर लिया गया है। रेखाराम को भनक लगने के कारण वह फोन स्विच ऑफ कर भाग गया। इसके बाद ग्राम विकास अधिकारी रेखाराम सियाग को आरोपी बनाया गया। टीम रेखाराम की तलाश में जुट गई है। जेटीए (कनिष्ठ तकनीकी सहायक) वगताराम की भूमिका की एसीबी जांच कर रही है। मनरेगा में श्रमिको की हाजरी चढ़ाने के लिए 2500 रुपये की डिमांड की थी। एसीबी की टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उससे रिश्वत की राशि बरामद कर ली थी। चौहटन पंचायत समिति में ग्राम पंचायत बिसारणिया से पृथक होकर 2019 में डेलूओं का तला नई ग्राम पंचायत बनी थी। ग्राम पंचायत मुख्यालय पर कुछ दिन पूर्व ही कनिष्ठ सहायक जगदीश नाथ की नियुक्ति की गई थी। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर