15 नामजद आरोपियों के विरुद्ध दर्ज हुआ तिहरे हत्याकांड का मामला
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15 नामजद आरोपियों के विरुद्ध दर्ज हुआ तिहरे हत्याकांड का मामला

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- रिपोर्ट के बाद सामने आई प्रधानी चुनाव की रंजिश - गांव पुलिस छावनी में हुआ तब्दील, तैनात हुई आरएएफ कासगंज, 27 जुलाई (हि.स.)। कासगंज जनपद में के सोरों कोतवाली क्षेत्र में हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इसमें गांव होडल पुर एवं पड़ोसी गांव फरीदनगर के 15 लोग नामजद किए गए हैं। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में प्रधानी के चुनाव को लेकर पीड़ित एवं विपक्षी परिवार के बीच रंजिश का मामला सामने आया है। गांव होडलपर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी सुशील घुले ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। यहां रैपिड एक्शन फोर्स की भी तैनाती सुनिश्चित करती है। पीड़ित पक्ष राजपाल के पुत्र विजेंद्र पाल सिंह ने सोमवार को कोतवाली सोरों में दी तहरीर के मुताबिक उसके परिवार से गांव के ही निवासी गीतम सिंह पुत्र भीमसेन के परिवार के बीच प्रधानी के चुनाव को लेकर रंजिश चली आ रही है। पूर्व के चुनाव में विजेंद्र पाल की पत्नी सत्यवती चुनाव जीत गई थी। जबकि गीतम सिंह की पत्नी मुन्नी देवी चुनाव हार गई थी। इसी मामले को लेकर दोनों परिवारों के बीच कटुता हो गई और तभी से रंजीत बन गई। पीड़ित परिवार की ओर से दी गई तहरीर में विजेंद्र पाल सिंह ने बताया है कि वह स्वयं उसका भाई भूपेंद्र उर्फ रुद्र, चाचा राधाचरण, तहेरा भाई प्रमोद, ताऊ प्रेम सिंह, तीन मोटरसाइकिलो पर सवार होकर गांव की ओर जा रहे थे। तभी गीतम सिंह उसके पुत्र कृष्ण कुमार, राजेश, सत्येंद्र गांव के ही रमेश, रामकिशोर, सुनील पड़ोसी गांव फरीद नगर निवासी गंगा सिंह, बबलू, सुनील, सत्यदेव, राजू, अतर सिंह, भूप सिंह एवं उमेश ने उनका घेराव कर लिया। आरोपियों ने नाजायज तमंचा लोहे की सरिया एवं लाठियों से हमला बोल दिया। इस दौरान उन पर करीब 40 राउंड गोलियां चलाई। इस घटनाक्रम में भूपेंद्र सिंह उर्फ रुद्र, प्रेम सिंह एवं राधाचरण की मौके पर मौत हो गई। जबकि प्रमोद व गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गये। वीरेंद्र पाल सिंह ने बातचीत के दौरान जानकारी दी है कि बीते कई दिनों से इलाका पुलिस को किसी अनहोनी घटना की जानकारी उसके परिजनों द्वारा दी जा रही थी।लेकिन पुलिस ने कोई पहल नहीं की यदि पुलिस पहल करती तो शायद यह घटना इतनी भी भक्त ना होती। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले का खुलासा हुआ है पुलिस अधीक्षक सुशील खुले के निर्देश पर पूरा गांव छावनी में तब्दील कर दिया गया है यह कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स की भी तैनाती कर दी गई है इधर अंत्य परीक्षण के उपरांत तीनों शव को गांव में लाए जाने की भी जानकारी मिल रही है। हिन्दुस्थान समाचार/पुष्पेंद्र/मोहित-hindusthansamachar.in