सर्राफा कारोबारी और उनके बेटे को अगवा कर गन प्वाइंट पर लूटपाट करने वाले ग‍िरफ्तार
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सर्राफा कारोबारी और उनके बेटे को अगवा कर गन प्वाइंट पर लूटपाट करने वाले ग‍िरफ्तार

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नई दिल्ली, 05 अगस्त (हि.स.)। क्राइम ब्रांच ने सर्राफा कारोबारी और उनके बेटे को अगवा कर गन प्वाइंट पर लूटपाट करने वाले गैंग का खुलासा किया है। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लूटा गया दो किलो सोना, पत्तीस लाख रुपए और दो कार जब्त की है। इस गैंग का एक सदस्य एमबीए, दूसरा फार्मेसी में डिप्लोमा होल्डर, तीसरा स्नातक है। जबकि चौथा सदस्य हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद से बर्खास्त हाे चुका है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश देव ने बताया बैंक एंक्लेव लक्ष्मी नगर निवासी सर्राफा कारोबारी की चांदनी चौक में दुकान है। 22 जुलाई की दोपहर वह बेटे के साथ कार से लौट रहे थे। कार में बैग के अंदर डेढ़ किलो सोना औ साढ़े चार लाख रुपए थे। जब वे पुश्ता रोड यूटर्न गीता कॉलोनी फ्लाईओवर से राजघाट की तरफ जाने वाले मार्ग पर पहुंचे तभी एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार ने ओवरटेक कर उनकी गाड़ी रुकवा ली। पीछे से सेंट्रो कार ने उनका रास्ता ब्लॉक कर दिया। दो लोग कार से उतरे, जिनके हाथ में हथियार थे। इन्होंने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया और ऑफिस ले जाने के बहाने कार में बिठा अगवा कर लिया। वे दरियागंज से होते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और फिर बुराड़ी तक ले गए। यहां उन्हें कार से नीचे उतार बदमाश कैश और ज्वेलरी का बैग लेकर फरार हो गए। इससे पहले पीड़ित के बेटे ने बदमाशों का विरोध किया तो उसे मारकर चोट पहुंचायी गई। इस शिकायत के मद्देनजर पुलिस ने लूटपाट, किडनेपिंग समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस को बताया गया लूटा गया सोना साढ़े चार किलो और कैश चौदह लाख रुपए थे। पीड़ित द्वारा बताए गए पूरे रुट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस ने चैक की। मुखबीर तंत्र और टैक्नीकल सर्विलांस के जरिए पुलिस ने इस गैंग में शामिल बदमाशों की पहचान की। पुलिस को पता चला दुर्गादास, चिराग और दयाराम ने लूट के लिए सूचना मुहैया करवाई, फिर सोमवीर और अन्य साथियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस वारदात और साजिश में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान अजय कुमार, पंकज शर्मा, सोमवीर, सुनील, दुर्गा प्रसाद, चिराग जुनेजा और दयाराम लाकड़ा के तौर पर हुई। सभी आरोपी फरीदाबाद हरियाणा, तिलक नगर, टैगोर गार्डन, त्रिलोकपुरी के रहने वाले हैं। इनमें अजय और पंकज शर्मा सिक्यूरटी एजेंसी में नौकरी करते हैं। सोमवीर हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद से बर्खास्त हो चुका है। दुर्गा प्रसाद ने स्नातक कर रखी है, जो द्वारका एक वकील के यहां कलर्क के तौर पर काम करता है। यह छतरपुर इलाके में ऑफिस खोल खुद को अधिवक्ता बताता था। चिराग जुनेजा एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। उसने फार्मेसी में डिप्लोमा कर रखा है। उसी ने गैंग के अन्य सदस्यों को सोना और कैश के बारे में जानकारी दी थी। वहीं दयाराम शादीशुदा है और उसने एमबीए कर रखी है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी-hindusthansamachar.in