सत्रह लाख की आर्थिक सहायता पर सहमति के बाद हुआ पोस्टमार्टम
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सत्रह लाख की आर्थिक सहायता पर सहमति के बाद हुआ पोस्टमार्टम

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चित्तौड़गढ़, 22 सितम्बर (हिस)। चित्तौड़गढ़ शहर के उपनगरीय क्षेत्र चंदेरिया क्षेत्र में स्थित बिरला सीमेंट फैक्ट्री के साईलो प्लांट में सोमवार शाम हुए हादसे में श्रमिक की मौत के मामले में परिजनों और श्रमिक नेताओं की शर्त मानने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई। करीब सत्रह लाख की आर्थिक सहायता व परिवार के सदस्य को नौकरी शर्त पर ही परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। चंदेरिया थाना पुलिस के अनुसार चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया थाना क्षेत्र में स्थित बिरला सीमेंट फैक्ट्री में सोमवार देर शाम करीब पौने छह बजे साइलो प्लांट करीब 40 मीटर ऊपर कार्य कर रहा श्रमिक ज्ञान सागर लौहार (40) की मौत हो गई। इसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर उपस्थित चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बाद में शव को मोर्चरी में रखवाया गया। रात को परिजन व श्रमिक नेता चंदेरिया थाने में एकत्रित हुए, जहां श्रमिक नेता भी पहुंचे। यहां मृतक के आश्रितों को मुआवजा राशि दिलवाने की मांग बिरला सीमेंट प्रशासन से की और प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट भी दी गई। चंदेरिया थानाधिकारी अनिल जोशी ने परिजनों से समझाईश की। जानकारी में सामने आया है कि मृतक के परिजनों ने बिरला सीमेंट प्रशासन से 50 लाख रुपये की मुआवजा राशि के साथ पत्नी को पेंशन और मृतक के आश्रित को बिरला सीमेंट फैक्ट्री में नौकरी देने की मांग की थी। बिरला सीमेंट प्रबंधन व परिजनों के बीच 17 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने व इसके पुत्र को नौकरी देने पर सहमति बनी। इसके बाद ही परिजन पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए राजी हुए। मंगलवार सुबह भी बड़ी संख्या में समाज के लोग जिला चिकित्सालय में पहुंचे, जहां पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवाई। जानकारी मिली है कि मृतक ज्ञानचंद लोहार करीब 20 सालों से बिरला सीमेंट फैक्ट्री के साइलो पैकिंग प्लांट में फिटर के पद पर कार्यरत था। हिन्दुस्थान समाचार/अखिल/संदीप-hindusthansamachar.in