विद्युत कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों ने शव रखकर की मुआवजे व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
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विद्युत कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों ने शव रखकर की मुआवजे व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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जालोर, 22 नवम्बर (हि.स.)। रानीवाड़ा इलाके में करीब 15 दिन पहले करंट से झुलसने वाले विद्युत कार्मिक की मौत होने से गुस्साए परिजनों ने रविवार को मृतक के शव को स्कूल परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने मुआवजे सहित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिले के जसवंतपुरा तहसील के पावली गांव में निजी बिजली कंपनी में कार्यरत विद्युतकर्मी चमनाराम की करंट से झुलसने से मौत हो गई। स्थानीय विधायक नारायण सिंह देवल और पूर्व उप मुख्य सचेतक रतन देवासी ने मौके पर पहुंच समझाइश की तो प्रदर्शन कर रहे परिजन और स्थानीय लोग शांत हो गए। पावली गांव में करीब 15 दिन पहले बिजली करंट से झुलसे कार्मिक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने मृतक के शव को स्कूल परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने मुआवजे सहित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद निगम के जेईएन और तीन लाइनमैन को एपीओ कर दिया गया। मामले में परिजनों का आरोप था कि चमनाराम की हत्या की गई है, उसे लाइन दुरुस्त करने पूरण गांव भेजा गया था जहां वह लाइन दुरुस्त कर रहा था, उसी दौरान साजिश के तहत लाइनमैन ने बिजली सप्लाई चालू कर दी जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। मृतक का उपचार अहमदाबाद में चल रहा था जहां उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद रानीवाड़ा विधायक नारायण सिंह देवल, पूर्व उप मुख्य सचेतक रतन देवासी, एसडीएम शैलेन्द्र सिंह, तहसीलदार रामलाल मीणा, पुलिस उप अधीक्षक रतनलाल, डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता चतरसिंह मीणा, अधिशाषी अभियंता भरत देवड़ा पावली पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से समझाइश की। विधायक नारायणसिंह और पूर्व विधायक रतन देवासी की समझाइश पर प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। प्रकरण की जांच के लिए कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने जसवंतपुरा एसडीएम शैलेंद्र सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। मांगों के मुताबिक जांच के लिए प्रकरण की फाइल सांचौर सीओ वीरेन्द्र सिंह को भेजी गई है। इसके साथ निगम के कनिष्ठ अभियंता हरीश कुमार सहित लाइनमैन श्यामसुंदर, सुरेश गुर्जर और बलराम को एपीओ किया गया है। विधायक देवल ने ग्रामीणों से वार्ता कर समझौता किया, इसके बाद ग्रामीण शव का अंतिम संस्कार करने को सहमत हुए। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in