रक्षा बंधन पर पैसा कमाने गए दोस्तों के शव नाग पंचमी को घर पहुंचे

रक्षा बंधन पर पैसा कमाने गए दोस्तों के शव नाग पंचमी को घर पहुंचे
रक्षा बंधन पर पैसा कमाने गए दोस्तों के शव नाग पंचमी को घर पहुंचे

इकलौते बेटे का शव देख पिता बोला मुझ अंधे का सरवन बेटा चला गया - गुजरात की नर्मदा नदी में डूब कर हुई दोनों की मौत फर्रुखाबाद, 25 जुलाई (हि.स.)। गुजरात मे रक्षा बंधन के लिए पैसा कमाने गए दो दोस्तों के शव नाग पंचमी को उनके घर पहुंच गए। आज यहां पहुँचे शव को देख नेत्र हीन पिता पिता बेसुध हो गया। बोला मुझ अंधे का सहारा उसका इकलौता बेटा था। नवाबगंज थाना क्षेत्र से गुजरात नौकरी करने गए दो युवक नर्मदा नदी में डूबे गए। जिससे दोनों की मौत हो गई। शनिवार को दोनों के शव उनके पैतृक गांव आते ही कोहराम मच गया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम इमादपुर निवासी अमरेश कुमार (30) पुत्र के हरी लाल एवं मनोज कुमार (28) पुत्र अशोक कुमार निवासी चांदपुर लकूला फर्रुखाबाद गुजरात में नौकरी करने गए थे। दोनों नमक की फैक्ट्री में काम करते थे। 23 जुलाई को समय करीब 4 बजे नर्मदा नदी नहाने गए। नहाते समय गहरे पानी में चले गए और दोनों डूब गए। जिससे उनकी मौत हो गई। उनके शव आज नाग पंचमी को गांव लाये गए। शव आते ही दोनों के घर में कोहराम मच गया। अमरेश की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी। पत्नी छोड़ कर चली गई। मनोज कुमार की शादी नहीं हुई थी। इनके पिता नेत्रहीन हैं। उनकी एक ही संतान थी। इकलौता पुत्र होने के कारण नेत्रहीन पिता का कोई सहारा नहीं रहा। आज दोनों के शव एक साथ इमादपुर गांव लाये गए। शव देखते ही घर में कोहराम मच गया। दोनों के शव को एक साथ ढाई घाट ले जाया गया। जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। नेत्रहीन अशोक कुमार ने बताया कि मुझ अंधे का सहारा इकलौता बेटा था। रक्षा बंधन के त्योहार पर वह चार पैसे कमाने के लिए गुजरात गया था। उसने अपने नेत्रहीन पिता की देख भाल करने के लिए शादी नहीं की थी। अब उसके जीवन का सहारा चला गया। अशोक कुमार अपने बेटे का शव देख बार बार अचेत हो रहा है। दोनों के गांवों में हा हा कार मचा हुआ है। हिन्दुस्थान समाचार/चन्द्रपाल/मोहित-hindusthansamachar.in

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