मथुरा : बस ने मजदूर परिवार के चार सदस्यों को रौंदा, किशोर की मौत, तीन गम्भीर
मथुरा : बस ने मजदूर परिवार के चार सदस्यों को रौंदा, किशोर की मौत, तीन गम्भीर
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मथुरा : बस ने मजदूर परिवार के चार सदस्यों को रौंदा, किशोर की मौत, तीन गम्भीर

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- जाम लगा रहे ग्रामीण और परिजनों से पुलिस की झड़प, हल्काबल प्रयोग कर पुलिस ने खदेड़े ग्रामीण, 20 हिरासत में मथुरा, 15 सितम्बर (हि.स.)। थाना बरसाना क्षेत्र अंतर्गत जरेला चौराहा पर मंगलवार जेनर्म की बस ने एक मजदूर परिवार के चार लोगों को रौंद डाला, जिसमें एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित गांववासियों ने जाम लगा दिया। घटना के करीब चार-पांच घंटे बाद एसडीएम गोवर्धन राहुल यादव, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीश चन्द्र, क्षेत्राधिकारी गोवर्धन जितेन्द्र तथा तीन थानों का पुलिसबल जाम की सूचना पर पहुंच गया। जहां ग्रामीणों के न मानने पर पुलिस ने हल्काबल प्रयोग करते सभी ग्रामीणों को खदेड़ते हुए 20 लोगों को हिरासत में लिया है तथा शव को पोस्टमार्टम गृह भेजा है। मंगलवार प्रातः करीब 8 बजे बरसाना-गोवर्धन मार्ग स्थित जरेला चौराहा पर हाथियां गांव निवासी 14 वर्षीय कृष्णा, 26 वर्षीय भाई नरेश, 20 वर्षीय बहन हरवती के साथ अपने 65 वर्षीय पिता श्रीराम पुत्र खूबी की दुकान पर कार्य कर रहे थे कि अचानक तेज रफ्तार से आती जेनर्म की बस यूपी 85 एक्स 9040 ने चार सदस्यों को जोरदार टक्कर मारी। जिसमें 14 वर्षीय किशोर कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीनों गंभीर रुप से घायल हो गए। हादसे को देख ग्रामीण एवं अन्य दुकानदार मौके पर पहुंचे और गंभीर घायल श्रीराम, नरेश और हरवती को मथुरा के जिला अस्पताल पहुंचाया। मौका पाकर बस छोड़कर ड्राइवर और कंडक्टर फरार हो गया। घटना से आक्रोशित गांववासियों ने रोड पर चक्का जाम लगा दिया और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को घटना स्थल पर बुलाने की मांग करने लगे। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम लगने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। घटना होने के 4-5 घंटे के बाद एसडीएम राहुल यादव, एसपी ग्रामीण श्रीश चन्द्, सीओ गोवर्धन जितेन्द्र कुमार और बरसाना, गोवर्धन, कोसी और छाता थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को काफी शांत करने और जाम खोलने के लिए समझाने का प्रयास किया। लेकिन प्रशासनिक आला अधिकारी को मौके पर बुलाने और न्याय की मांग करने लगे और जाम नहीं खोला। इस बीच पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हो गई और पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते जाम खुलवाया। मौके से 20 ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि पीड़ित परिजनों का कहना था कि इस घटना ने पूरे परिवार को तहस-नहस कर दिया है। गंभीर रुप से घायल श्रीराम जरेला चौराहा पर चाय की दुकान है। सुबह परिवार के तीन और सदस्य भी यही थे। श्रीराम की पुत्री हरवती खेत पर चारा लेने के लिए जाने वाली थी। उन्होंने कहा कि हमें न्याय चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आए और हमारे परिवार के साथ न्याय करें। हिन्दुस्थान समाचार/महेश-hindusthansamachar.in