प्रशासनिक अधिकारियों से बहस, पुलिस थाना में धरना दबाब का प्रयास

प्रशासनिक अधिकारियों से बहस, पुलिस थाना में धरना दबाब का प्रयास
प्रशासनिक अधिकारियों से बहस, पुलिस थाना में धरना दबाब का प्रयास

दमोह, 25 जुलाई (हि.स.)। भले ही शासन, प्रशासन द्वारा आमजन की जान बचाने कोरोना कोविड 19 से क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिये दिशा निर्देश,आदेश जारी किये हों, परन्तु कुछ तथाकथितों के चलते मिशन में पलीता लगते आसानी से देखा जा सकता है। लापरवाही,आदेश और नियमों का उलंघन और उस पर सीना जोरी को लेकर इस समय अनेक मामले सामने आने लगे हैं जिसके चलते लगातार चर्चाओं का बाजार गर्म बन रहा है। जिसके चलते जहां कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है तो वहीं दूसरी ओर शासन प्रशासन की कोरोना की जंग में भी अवरोध पैदा हो रहा है। ज्ञात हो कि भारत सरकार, प्रदेश सरकार के द्वारा सभी जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षकों को विशेष दिशा निर्देश जारी किये हैं जिसका पालन कराने की जिम्मेदारी इनको दी गयी है तो वहीं सभी नागरिकों को नियम,कानून का पालन करना अति आवश्यक है। कोरोना कोविड 19 से निपटने के लिये लगातार प्रयास चल रहे हैं और बाजार खोलने, बंद करने के साथ ही लाक डाउन के लिये भी निर्देश दिये गये हैं। जिससे विकराल समस्या से निपटा जा सके परन्तु किस प्रकार की समस्याओं सामने आ रही हैं इस बात को लेकर आये दिन चर्चाये सामने आती रहती हैं। अभद्रता के बाद,दबाब की राजनीति- प्रशासनिक अधिकारी जो कि कार्यपालिक मस्ट्रिेड के रूप में कार्य करते हैं के साथ सार्वजनिक स्थल पर बहस का मामला इस समय चर्चाओं में बना हुआ है। यहां किसी एक अधिकारी, मस्ट्रिेड का मामला नहीं, अपितु अनेक का मामला है। दो माह में तीसरी बार आया मामला- धारा 144 एवं जिलादंडाधिकारी के आदेशों की धज्जियों को उडाने का यह कोई पहला मामला नहीं है यह तीसरा मामला बताया जाता है। सूत्रों की माने तो गत माह एक बैठक का आयोजन हुआ जिसकी फोटो और वीडियो जमकर वायरल हुये थे। दूसरी बैठक हाल ही में बाम्बे क्लाथ में हुई जिसमें काफी बडी तादाद में उपस्थिति और फिर सीधे सिटी कोतवाली के प्रांगण में ही धरना,प्रदर्शन,नारेबाजी,सैकडों की भीड एकत्रित की गयी। नियम कानून की बात करने वाले अधिकारी कर्मचारी,पुलिस के द्वारा अगर प्रथम बार में ही कार्यवाही कर ली जाती तो शायद आज यह फजीहत देखने का नहीं मिलती जो आज हो रही है और तथाकथित अपना दबाब बना रहे हैं ?इस बात को लेकर इस समय गलियों में चर्चाओं का बाजार गर्म है? कोरोना पाजिटिव मरीज बैठक में- उक्त बैठक में कोरोना कोविड 19 पाजिटिव मरीज के सम्मिलित होने की चर्चा जमकर बनी हुई है। ज्ञात हो कि एक व्यापारी हाल ही जांच के दौरान कोरोना कोविड 19 से संक्रमित पाया गया है। ज्ञात हो कि उक्त बैठक में काफी बडी संख्या में व्यापारी एकत्रित हुये थे। क्या इसके लिये जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही नहीं होना चाहिये इस बात को लेकर शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लोग करते देखे सुने जा रहे हैं? राजनैतिक दबाब बनाने का प्रयास- उक्त मामले में पिछले कुछ समय से एक कद्दावर नेता के खास होने दबाब बनाने की भी जमकर चर्चा बनी हुई है? हालांकि यह सर्व विदित है जिनका नाम सामने लाने का प्रयास या दबाब बनाने का प्रयास किया जा रहा है वह एक अलग व्यक्तित्व और स्वच्छ छबि के लिये जाने जाते हैं। लेकिन जन के बीच होली में सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर लगे होडिंग और उसमें लगे चित्र फिर बार बालाओं का नृत्य,प्रतिबंध के बाद बैठक,कुछ समय बाद फिर बैठक और फिर कार्यपालिक मजिस्ट्रेडों के साथ बहस,पुलिस थाना में प्रदर्शन धारा 144 को तोडना,कर्फयू के नियमों का उलंघन को लेकर जमकर चर्चा बनी हुई है? हिन्दुस्थान समाचार/संजय पचौरी/राजू-hindusthansamachar.in

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