न्यायालय ने दुष्कर्म आरोपियों को सुनाई उम्र कैद की सजा
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न्यायालय ने दुष्कर्म आरोपियों को सुनाई उम्र कैद की सजा

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फर्रुखाबाद,31 जुलाई (हि.स.)। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में शुक्रवार कोदो व्यक्तियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय50-50 अर्थ दण्ड भुगतने का आदेश दिया है। अर्थ दण्ड को अदा न करने पर एक-एक वर्ष का कठोर कारावास अभियुक्तों को भुगतना पड़ेगा। विवरण के अनुसार, 9 जनवरी 2017 को थाना मऊदरवाजा के गांव खतवापुर निवासी रिंकू पुत्र जवाहर लाल व मनोहर पुत्र जगन्नाथ ने गांव की ही नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म किया था और धमकी दी थी कि कहीं बताया तो जान से हाथ धो बैठोगी। सात महीने बाद मेडिकल परीक्षण में नाबालिग गर्भवती पाई गई थी। तब उसके पिता रघुराज ने थाना मऊ दरवाजा में रिपोर्ट लिखाई थी व मुकदमा शुरू हुआ था। इसके बाद तमाम सुनवाईयों, गवाहों के बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने मनोहर व रिंकू को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 डी के तहत पास्को एक्ट में आजीवन कारावास एवं 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकारी अधिवक्ता शिव नरेश सिंह व अनुज कटियार ने दोषियों को कठोर सजा दिलाने में अपनी दलीलें पेश कीं। आजीवन कारावास की सजा की जानकारी होते ही आरोपितों के परिजनों के होश उड़ गए। हिन्दुस्थान समाचार/चन्द्रपाल/मोहित-hindusthansamachar.in