नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले सरगना समेत छह शातिर अपराधी गिरफ्तार
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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले सरगना समेत छह शातिर अपराधी गिरफ्तार

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लखनऊ, 05 नवम्बर (हि.स.)। सचिवालय समेत अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का यूपी एसटीएफ ने खुलासा किया है। गोमतीनगर पुलिस की मदद से एसटीएफ ने गिरोह के सरगना समेत छह शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। प्रभारी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह ने गुरुवार को बताया कि गिरोह का सरगना कुशीनगर के पटखौली, पटहरेवां निवासी सिद्धनाथ शाह, महोबा के चरखारी मोहल्ला रामनगर निवासी धीरज कुमार मिश्रा, अहिरवा चकेरी कानपुर निवासी विकास प्रसाद, बंजरिया तरकुलवा देवरिया निवासी जितेंद्र कुमार सिंह, गुरवलिया तुर्कपट्टी कुशीनगर निवासी दूधनाथ कुशवाहा और खरिहानी तरवा आजमगढ़ निवासी राकेश कुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया है। राकेश बीएसएन इन्फोटेक कंपनी का डायरेक्टर है। आरोपितों के पास से 4.71 रुपये, एक लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, दो कार और युवक-युवतियों से मंगाए गए 45 प्रपत्र बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने बीएसएन इन्फोटेक नाम से एक कम्पनी बना रखी थी। विपुल खंड दो से आरोपित कंपनी संचालित कर रहे थे। राजाजीपुरम निवासी विशाल प्रजापति ने गोमती नगर थाने में सिद्धनाथ शाह व उसके अन्य साथियों के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपितों ने विशाल से सचिवालय में संविदा पर नौकरी दिलवाने के नाम पर 25 हजार रुपये एडवांस में लिया था। यही नहीं विशाल के दोस्त अनुराग से अयोध्या नगर निगम में भी संविदा पर नौकरी दिलवाने के नाम पर 10 हजार वसूले थे। सचिवालय में नौकरी दिलवाने के लिए आरोपितों ने 15 लाख रुपये की मांग की थी। वहीं अयोध्या नगर निगम में संविदा पर 50 हजार रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। पूछताछ में आरोपित सिद्धनाथ शाह ने बताया कि वह बेरोजगार युवक-युवतियों को झांसे में लेकर नौकरी दिलाने की बात कहते थे। वसूली का काम विकास का था। धीरज, जितेंद्र और दूधनाथ युवक युवतियों की मीटिंग राकेश कुमार त्रिपाठी से कराते थे। आरोपितों ने सरकारी विभाग में पद के हिसाब से रेट तय किए थे। चतुर्थ श्रेणी में संविदा पर नौकरी के लिए पचास हजार से एक लाख, लिपिक और कम्प्यूटर ऑपरेटर के लिए दो से तीन लाख और सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के लिए 15 लाख रुपये मांगे जाते थे। यह लोग एडवांस के रुप में ले लेते थे। इसके बाद युवक-युवतियों से व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए एक आवेदन पत्र भेजकर भरवाते थे। तमाम सरकारी विभागों में चतुर्थ श्रेणी से लेकर बाबू और समीक्षा अधिकारी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों के रुपये हड़पे हैं। आरोपितों को अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/दीपक/संजय-hindusthansamachar.in