नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश
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नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश

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नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश नई दिल्ली, 12 सितम्बर (हि.स.)। बाहरी नार्थ जिला की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने बवाना इलाके में चल रही नकली घी बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फैक्टरी मालिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी डालडा, रिफाइंड तेल, वनस्पति तेल और रंग मिलाकर नकली देशी घी तैयार करते थे। तैयार सामान को पैक करने के बाद उसपर नामी कंपनी का स्टीकर लगाकर उसे बाजार में बेच देते थे। जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि वाहन चोरी निरोधक शाखा को जानकारी मिली कि सेक्टर एक बवाना में नकली घी बनाने की फैक्टरी चल रही है। पुलिस टीम ने सूचना का पुख्ता करने के बाद फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को इसकी जानकारी दी और संयुक्त टीम बनाकर फैक्टरी पर छापा मारा। मौके से पुलिस को सात टिन देशी घी, 212 टिन, रिफाइंड तेल, 149 टिन डालडा वनस्पति, रंग, तीन गैस स्टोव, 5 गैस सिलिंडर, एक सिलिंग मशीन, एक स्टाम्पिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक माप तौल मशीन, सिल्वर पाउच पैकिंग मशीन, छह सौ खाली टिन, स्टीकर, रैपर, टेटरा पैक और 25 सौ खाली प्लास्टिक जार मिले। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिए। इसके अलावा पुलिस ने एक टेंपो जब्त किया है। फैक्टरी से कुल 284 कार्टून तैयार नकली घी के मिले। पुलिस ने फैक्टरी चलाने वाले मालिक रानीबाग निवासी संदीप के अलावा फैक्टरी में नकली घी तैयार करने वाले अक्षय, रोहित, रतन और आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके खिलाफ नकली घी तैयार कर अधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों के साथ धोखा करने का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। ऐसे तैयार करते थे नकली घी ..... संदीप ने बताया कि दस टिन डालडा और रिफाइंड में एक टिन देशी घी डालकर नकली घी तैयार करवाता था। उसने बताया कि डालडा और रिफाइंड को गर्म करने के बाद स्टील के टैंक में डाल दिया जाता था। प्रति 15 लीटर में दस ग्राम देशी घी का एसंस डालकर उसमें रंग मिलाकर इसे तैयार किया जाता था। उसके बाद आर्डर के मुताबिक डिब्बों में डालकर उसपर नामी कंपनी का स्टीकर लगाकर बाजार में सप्लाई कर दिया जाता था। आर्डर के मुताबिक डिब्बों पर लगाते थे नामी कंपनी के स्टीकर.... पूछताछ में कंपनी के मालिक संदीप ने बताया कि जिस कंपनी के घी का आर्डर मिलता था, उसी कंपनी के स्टीकर को नकली घी के डिब्बे पर लगाकर उसे बाजार में सप्लाई कर देते थे। उसने बताया कि नकली घी को असली घी के दाम पर ही बाजार में सप्लाई करते थे। ताकि लोगों को नकली होने का भनक न लगे। फैक्टरी से करीब आधा दर्जन कंपनी के स्टीकर और रैपर मिले हैं। फैक्टरी से पंजाब सप्लाई होते थे नकली घी.... जांच के दौरान पुलिस को मौके पर एक टेंपो मिला। जिसमें 212 कार्टून लदे थे। जांच करने पर एक कार्टून से आधा आधा किलो के 30 डिब्बे मिले। पूछताछ में पता चला कि नकली घी के कार्टून को पंजाब के दो डीलर्स के पास भेजना था। पुलिस मालिक से पूछताछ कर पता लगा रही है कि वह कितने दिनों से फैक्टरी चला रहा था और अब तक कितने का मुनाफा कमा चुके हैं। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी-hindusthansamachar.in