क्राइम

दूसरी युवती को अपनी जगह बैठाकर ऑन लाइन परीक्षा दिलवाने वाली युवतियां गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। रोहिणी की रहने वाली तीन युवतियों ने प्राइमेरी टीचर के लिए डीएसएसबी के जरिये हुई परीक्षा में किसी दूसरी युवती को अपनी जगह बैठाकर ऑनलाइन परीक्षा दिलवाई। अक्टूबर-नवंबर 2018 में हुई परीक्षा में इनका सलेक्शन भी हो गया। लड़कियों ने नौकरी ज्वाइन कर ली। लेकिन जब उनके कागजात का वेरीफिकेशन हुआ तो उनका भेद खुल गया। डीएसएसएसबी की ओर से अपराध शाखा को शिकायत दी गई। जांच के बाद पुलिस ने एक युवती को दिसंबर 2018 में ही गिरफ्तार कर लिया। लेकिन तीन युवतियां फरार चल रही थीं। अपराध शाखा ने जांच के बाद सोमवार को तीनों को बाहरी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। तीनों ने बताया कि इनकी मुलाकात पंजाबी बाग स्थित एक कोचिंग सेंटर में गैंग की युवती से हुई थी। पांच-पांच लाख रुपये लेकर परीक्षा में पास करवाने की बात की गई थी। अपराध शाखा मुख्य आरोपी युवती व गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 25 से 27 साल की तीनो युवतियों को जेल भेज दिया है। डीएसएसएसबी ने तीनों के किसी भी परीक्षा में बैठने पर अजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि डीएसएसएसबी के परीक्षा नियंत्रक अनिल कुमार सिंह ने अपराध शाखा से इस गोरखधंधे की शिकायत दी थी। अक्तूबर और नवंबर 2018 में अलग-अलग तारीख पर प्राइमेरी टीचर के लिए ऑन लाइन परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा देने आए अभियार्थियों से रोल नंबर के दूसरे पेज पर पोस्टकार्ड साइज की फोटो लगवाकर उसका दूसरा पेज वहीं परीक्षा केंद्र पर जमा कर लिया गया था। परीक्षा का रिजल्ट घोषित हुआ तो पास हुई चार अलग-अलग युवतियों की एक ही फोटो रोल नंबर पर मिली। चारों की अलग-अलग तारीख पर परीक्षा हुई थी। रिजल्ट आने के बाद इन युवतियों ने ज्वाइन भी कर लिया था। चारों के एडमिट कार्ड संबंधित विभाग को जांच के लिए भेजे गए तो इसका खुलासा हुआ। अपराध शाखा ने छानबीन के बाद दिसंबर 2018 में एक महिला टीचर को गिरफ्तार कर लिया था। बाकी तीनों अपने पतों से गायब मिली थीं। तभी से पुलिस इनकी तलाश कर रही थी। सूचना के बाद सोमवार को पुलिस ने तीनों युवतियों को बाहरी दिल्ली में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने बताया कि पंजाबी बाग की एक कोचिंग में उनकी मुलाकात एक युवती से हुई। उसने पांच लाख रुपये लेकर परीक्षा पास करवाने की बात की। चूंकि कई-कई बार परीक्षा में बैठने के बाद यह परीक्षा नहीं पास कर पाई थीं तो वह तैयार हो गई। दो-दो लाख रुपये पहले और तीन-तीन लाख रुपये रिजल्ट आने के बाद देने थे। रिजल्ट में पास होने के बाद तीनों ने पूरे पैसे युवती व उसके गैंग को दे भी दिए भी दिए थे। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी-hindusthansamachar.in