जेल में बंद कैदियों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए योग जानने वाले कैदी करवा रहे है योग

जेल में बंद कैदियों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए योग जानने वाले कैदी करवा रहे है योग

नई दिल्ली, 25 जुलाई (हि.स.)। तिहाड़ जेल में बंद कैदियों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए योग जानने वाले कैदी ही उन्हें योग करवा रहे हैं। कोरोना महामारी की वजह से फिलहाल बाहर से योग शिक्षक जेल नहीं पहुंच पा रहे हैं और जेल में ज्यादातर प्रशिक्षित कैदी को पेरोल और जमानत पर रिहा किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक तिहाड़ के जेलों में 16 हजार कैदी बंद हैं। इन्हें योग प्रशिक्षित करने के लिए वर्ष 2019 में मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग की मदद से प्रोजेक्ट संजीवन शुरू किया गया था। जिसके तहत दो सत्र आयोजित किए गए थे। मार्च से जून तक चले पहले सत्र में एक हजार कैदियों को प्रशिक्षित किया गया, जिसमें 46 प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित हुए। वहीं सितंबर 2019 से जनवरी 2020 तक हुए दूसरे सत्र में 31कैदियों को प्रशिक्षकों के तौर पर प्रशिक्षित किया गया। सोमवार से शुक्रवार तक आयोजित कक्षा में मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग के 15 प्रशिक्षक योग की शिक्षा देते थे। जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से इस साल इस कार्यक्रम को शुरू नहीं किया गया है। लेकिन स्थिति सामान्य होने पर इसे फिर से शुरू करेंगे। इस बार प्रशिक्षण लेने वाले कैदियों की संख्या में बढ़ोतरी करेंगे। जेल में अभी बाहरी लोगों को आने की अनुमति नहीं है और प्रशिक्षित 77 कैदियों के पेरोल और जमानत पर रिहा होने की वजह से अभी योग जानने वाले कैदी ही अन्य कैदियों को योग सिखा रहे हैं। जेल अधिकारी इसमें उनकी मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास है कि कैदियों को कुछ कौशल प्रदान किया जाए ताकि वह रिहा होने के बाद एक नया जीवन शुरू कर सकें। योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में मदद करता है। जेल में प्रशिक्षित होने के बाद उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाता है। जिससे वह इसे कैरियर के रूप में चुन सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी-hindusthansamachar.in

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