गुमला :  नदी किनारे जमीन के नीचे से मिली सात  बंदूकें
गुमला : नदी किनारे जमीन के नीचे से मिली सात बंदूकें
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गुमला : नदी किनारे जमीन के नीचे से मिली सात बंदूकें

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गुमला, 22 सितंबर ( हि.स.) । घोर उग्रवाद प्रभावित गुमला जिला में एक नदी किनारे जमीन में गाड़कर रखी गयी सात बंदूकें पुलिस ने बरामद की हैं। पुलिस और सीआरपीएफ-158 बटालियन की टीम मंगलवार को नक्सलियों की टोह लेने के लिए जंगल में घुसी थी। इसी दौरान प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के खिलाफ उन्हें बड़ी सफलता मिली। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के निकले सुरक्षा बल के जवानों को बिशुनपुर थाना के हरैया व करचा के समीप निरासी जंगल से होकर बहने वाली नदी के किनारे जमीन में गाड़कर रखी सात बंदूकें मिलीं। पुलिस ने बेहद सावधानी से जमीन खोदकर सभी बंदूकें निकालीं। बंदूकों को प्लास्टिक में लपेटकर रखा गया था। इसमें छह देसी बंदूक व एक डबल बैरल 12 बोर की गन है। यह बंदूक भाकपा माओवादी के सबजोनल कमांडर रवींद्र गंझू का है। उसने इन बंदूकों को कुछ माह पहले जमीन के नीचे गाड़कर छिपा दिया था। जानकारी के अनुसार, गुमला के एसपी हृदीप पी जनार्दनन को गुप्त सूचना मिली थी कि निरासी, बोरहा, हरैया, करचा गांव के आसपास भाकपा माओवादी भ्रमण कर रहे हैं। साथ ही निरासी जंगल के समीप हथियार छिपाकर रखे जाने की भी सूचना है। इसके बाद सीआरपीएफ-158 बटालियन के सेकेंड कमांडेंट आरवी फिलिप, अभियान एएसपी बीके मिश्रा, सीआरपीएफ बनारी, सीआरपीएफ जोरी, सैट-11 के जवान निरासी जंगल में भाकपा माओवादियों को खोजने के लिए घुसे। जंगल में करीब एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। नक्सली नहीं मिले। इसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने निरासी जंगल में नदी के किनारे एक मैदान के समीप जमीन की खुदाई की। वहां प्लास्टिक में लपेटकर रखी हुई सात बंदूकें मिलीं। पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है। रवींद्र गंझू सरेंडर करे : एसपी एसपी ने कहा है कि गुमला पुलिस व सुरक्षा बलों द्वारा लगातार भाकपा माओवादी सहित अन्य उग्रवादियों व अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गुप्त सूचना मिली थी कि निरासी जंगल में नक्सली रवींद्र गंझू व उसके दस्ते के साथियों ने जंगल में बंदूक छिपाकर रखी है। इसे गुमला पुलिस व सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है। एसपी ने कहा कि अभी नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इसे और तेज किया जायेगा। उन्होंने कहा है कि 15 लाख रुपये का इनामी नक्सली रवींद्र गंझू अपने दस्ते के साथ सरेंडर कर दे, ताकि वह अपने परिवार के साथ बाकी जिंदगी खुशी से जी सके। एसपी ने कहा कि अगर नक्सली सरेंडर नहीं करते हैं, तो कभी भी पुलिस की गोली का शिकार हो सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार / हरिओम/ वंदना-hindusthansamachar.in