गया में नक्सलियों के खिलाफ पर्चा-पोस्टर वार
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गया में नक्सलियों के खिलाफ पर्चा-पोस्टर वार

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गया, 11 सितंबर (हि.स.) प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के खिलाफ गया पुलिस और अर्धसैनिक बल ने पोस्टर-पर्चा युद्ध छेड़ दिया है। जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में पिछले कई दिनों से नक्सलियों के शीर्ष कमांडरों की पारिवारिक मोर्चे पर आम आदमी की अपेक्षा मोह को केंद्र में रखा गया है। नक्सली कमांडरों पर आरोप लगाया गया है कि वो अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर कुछ ज्यादा ही चिंतित हैं। नक्सली कमांडरों के बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूल- कालेज में पढ़ते है। वहीं, इलाके के शिक्षण संस्थानों को आईडी विस्फोट कर उड़ा दिया जाता है। ताकि इलाके के बच्चें पढ़ाई नहीं कर सके। नक्सलियों की मंशा है कि विकास कार्य इलाके में नहीं हो। शिक्षा,स्वास्थय, सड़क, पुल-पुलिया और अन्य विकास के सबसे बड़े बाधक नक्सली है। नक्सलियों के द्वारा चुनाव के पहले जन अदालत के नाम पर हिंसक कार्रवाई के पीछे का कारण इलाके के ग्रामीण भली भांति परिचित हैं। पोस्टर-पर्चा में पिछले दिनों मैगर थाना क्षेत्र में मारे गए महेंद्र यादव और रामदयाल रजक हत्याकांड की चर्चा की गई है। जहां ईंट भट्टा संचालक महेंद्र यादव और ग्रामीण रामदयाल रजक की हत्या नक्सलियों ने बर्चस्व कायम के लिए की थी। क्योंकि अब नक्सलियों की फरमान ग्रामीण मानने से इंकार करने लगे हैं। हिंदुस्थान समाचार/पंकज/चंदा-hindusthansamachar.in