खाचरौद के हिस्ट्री शिटर पूर्व पार्षद चुन्नु लाला को भेजा जेल
खाचरौद के हिस्ट्री शिटर पूर्व पार्षद चुन्नु लाला को भेजा जेल
क्राइम

खाचरौद के हिस्ट्री शिटर पूर्व पार्षद चुन्नु लाला को भेजा जेल

news

खाचरौद, 15 अक्टूबर (हि.स.)। खाचरौद का हिस्ट्री शिटर व पूर्व पार्षद ईनामी बदमाश चुन्नु लाला व उसके भाई छंगलाला को पुलिस ने तीन माह बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपित भाई तीन माह से पुलिस को चख्मा दे रहे थे। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर गुरूवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार दोनों आरोपितों पर उज्जैन एसपी द्वारा 7-7 हजार रूपए का इनाम घोषित कर रखा था। लालाओं पर 12 जुलाई 2020 को भादवि की धारा 307, 323, 294, 34 में प्रकरण दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में लाला बंधुओं के 6 साथी भी शामिल थे। जिनको पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। शेष दो आरोपित तब से फरार चल रहे थे। दोनों आरोपितों को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह खाचरौद रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकडकर अन्य शहर जा रहे थे। पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी । क्या है मामला एक जमीन के विवाद को लेकर चुन्नु लाला ने अपने भाई व भतीजे के साथ मिलकर 12 जुलाई को फरियादी शमशाद बी पति शहीद खान निवासी बेगमबाग कॉलोनी उज्जैन पर प्राणघातक हमला किया था। महिला खाचरौद में अपने पिता के खेत नागदा रोड पर बन रहे मकान देखने आई थी। उस समय चुन्नु लाला ने उसके भाई व भतीजे व अन्य साथियों के साथ मिलकर महिला व उसके पिता उसमान व भाई युसूफ पर हमला किया था जिसमें तीनों को गंभीर चोट आई थी । उस समय सभी आरोपित मौके से फरार हो गए थे। कौन है चुन्नु लाला चुन्नु लाला एक आदतन बदमाश है। इसके अन्य परिजनों पर भी कई प्रकरण दर्ज है। चुन्नु लाला के पिता सादिक लाला की भी लगभग 15 वर्ष पूर्व हत्या हो गई थी। चुन्नु लाला का काका शेरूलाला का किसी समय क्षेत्र में आतंक था। शेरूलाला का 1997 में पुलिस ने इंदौर जिले में एनकांउटर किया था। चुन्नु लाला पर 14 प्रकरण दर्ज है। इनमें मारपीट, जुआ हत्या का प्रयास करना व अन्य प्रकरण शामिल है। चुन्नु लाला पर पुलिस कई बार जिला बदर की कार्यवाही भी कर चुकी है। चुन्नु लाला ने लगभग 10 वर्ष पूर्व पार्षद का चुनाव भी जीता था। लाला ने 2009 में हुए नपा के चुनाव में वार्ड क्रं 3 से निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया था ओर वह निविरोध चुनाव जीत गया था। बाद में परिषद् की गठन के बाद लाला ने कांग्रेस का समर्थन किया था। लाला ने पहला अपराध वर्ष 2001 में किया था। हिन्दुस्थान समाचार/ रवि/राजू-hindusthansamachar.in