किराया न देने पर पूरे परिवार को सामान समेत उठाकर सड़क पर फेंका
क्राइम

किराया न देने पर पूरे परिवार को सामान समेत उठाकर सड़क पर फेंका

news

नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। कोरोना काल में लॉकडाउन की वजह से लाखों लोगों के काम धंधे चौपट हो गए। हालांकि लॉकडाउन खुलने के बाद हालात सामान्य होने भी लगे हैं, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हैं। न तो उनके पास खाने को कुछ है और न ही मकान का किराया देने के लिए रुपये। नंद नगरी इलाके में ऐसा ही एक बेरोजगार परिवार के साथ उनके मकान मालिक ने किराया न देने पर पूरे परिवार को सामान समेत उठाकर सड़क पर खुले आसमान के नीचे फेंक दिया। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश में परिवार खुले आसमान में भीगने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मकान मालिक ने पति-पत्नी को बुरी तरह पीटा भी है। पीड़ित राकेश (45) अपनी शिकायत लेकर थाने भी पहुंचा, लेकिन उसे थाने से टरका दिया गया। पूरे मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच कराने की बात कर रहे हैं। राकेश अपने परिवार के साथ सी-3, नंद नगरी में शमशाद नामक शख्स के किराए के मकान में पिछले काफी समय से रहता था। इसके परिवार में पत्नी ऊषा और 13 साल का एक बेटा है। राकेश ने बताया कि वह छोटा-मोटा काम कर मजदूरी कर लिया करता था। कोरोना की वजह से लॉक डाउन हुआ तो उसका काम बंद हो गया। लॉक डाउन खुलने के बाद कभी उसे छोटा-मोटा काम मिलता है तो खाना-पीना हो जाता है। इधर काम-धंधा न होने की वजह से वह मकान का किराया भी नहीं दे पा रहा था। आरोप है कि शमशाद लगातार किराया देने का दबाव बना रहा था। किराया न देने पर मकान खाली करने के लिए धमका रहा था। आरोप है कि रविवार सुबह चार बजे शमशाद ने घर का दरवाजा खटखटाया और दंपत्ती को पीटना शुरू कर दिया। बाद में उसका सामान उठाकर सड़क पर फेंक दिया। पीड़ित परिवार थाने पहुंचा, लेकिन उसकी वहां सुनवाई नहीं हुई। परिवार खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगने को मजबूर हो गया। बुधवार रात को एक राहगीर निसार ने पीसीआर कॉल कर पुलिस से परिवार की मदद की बात की। राकेश का आरोप है कि पुलिस मौके पर आकर उल्टा उसे ही धमकाकर वापस चली गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी-hindusthansamachar.in