कार धोने वाले को दिया 2.5 करोड़ का लोन, तीन गिरफ्तार
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कार धोने वाले को दिया 2.5 करोड़ का लोन, तीन गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 22 दिसम्बर (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लयू) ने पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर सहित तीन लोगों को 2.5 करोड़ रुपये के लोन ठगी मामले में गिरफ्तार किया है। इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बैंक का चीफ मैनेजर ही था। उसने कार धोने वाले व्यक्ति के नाम पर एक फर्जी कंपनी बनाकर 2.5 करोड़ रुपये का लोन उसे दे दिया था। यह रकम इस्तेमाल करने के बाद अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया गया था। ईओडब्लयू के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से ईओडब्लयू को ठगी की शिकायत मिली थी। इसमें बताया गया कि शक्ति ट्रेडिंग कंपनी के मालिक सुनील ने 2013 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 2.5 करोड़ रुपये का लोन लिया। उसने बताया कि वह कपड़ों का कारोबार करते हैं। उसने जिस प्रॉपर्टी के दस्तावेज गिरवी रखे, वो जांच में फर्जी पाए गए, ना तो उन्हें लोन लेने वाले का बाद में पता चला और ना ही उसकी गारंटी देने वालों का। इसकी वजह से 2014 में यह अकाउंट एनपीए हो गया। इस बाबत नजफगढ़ थाने में 2015 में केस दर्ज किया गया था। चीफ मैनेजर सहित तीन आरोपित गिरफ्तार इसकी जांच नवंबर 2018 में ईओडब्लयू को सौंपी गई। जांच में पता चला कि बैंक के चीफ मैनेजर शैलेंद्र कुमार उपाध्याय को बैंक के कार्य के बारे में अच्छे से जानकारी थी। उसने अंकित सांगवान और सुनील के साथ मिलकर इस अकाउंट को खोला और फर्जी दस्तावेजों पर उन्हें लोन दे दिया। उसमें मौजूद सभी क्रेडिट लिमिट लेने के बाद आरोपित फरार हो गए थे। असल में आरोपित सुनील एक दिहाड़ी मजदूर था, जो कार धोता था। ईओडब्लयू के एसीपी अनिल समोटा की देखरेख में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और एसआई निखिल की टीम ने आरोपितों की तलाश शुरू की। टीम ने इस मामले में बैंक के चीफ मैनेजर शैलेंद्र कुमार, ट्रक चालक अंकित सांगवान और कार धोने वाले सुनील को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य साजिशकर्ता निकला चीफ मैनेजर गिरफ्तार किया गया शैलेंद्र कुमार पंजाब नेशनल बैंक का एक्स चीफ मैनेजर है। उसने कार धोने वाले सुनील और ड्राइवर अंकित के साथ मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। जांच में पता चला है कि उसने ऐसे कई अन्य मामलों को भी अंजाम दिया था। दूसरा आरोपित अंकित सांगवान सभी फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल रहा है। रुपये निकालने की जिम्मेदारी भी उसके पास थी। तीसरा आरोपित सुनील फर्जी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने में शामिल रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी-hindusthansamachar.in