ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के 12 सदस्यों को एसटीएफ ने दबोचा
ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के 12 सदस्यों को एसटीएफ ने दबोचा
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ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के 12 सदस्यों को एसटीएफ ने दबोचा

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लखनऊ, 14 अक्टूबर (हि.स.)। एनसीआर के गाजियाबाद से नामचीन कंपनी में नौकरी देने वाली कम्पनी के नाम से वेबसाइट बनाकर बेरोजगार लड़के लड़कियों को ठगी करने वाले गिरोह के 12 सदस्यों को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने दो वेबसाइट भी बनायी थी। यूपी एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने बुधवार की देर शाम को बताया कि महानगर इलाके से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से दो आरोपितों को जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि महानगर की रहने वाली एक युवती ने महानगर थाने में शिकायत दर्ज करायी थी। उसने बताया कि कुछ माह पहले उसने नौकरी के लिए शाइन डॉट कॉम में ऑनलाइन आवेदन किया था। 19 अगस्त को उसके पास फोन आया। सामने वाली लड़की ने अपना नाम राधिका और एक्सिस बैंक की एचआर बताया। इसके बाद उस लड़की ने नौकरी के लिए व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर मात्र 10 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करवाया। थोड़ी देर बाद उसके खाते से एक हजार रुपये निकल गये। कुछ घंटे नहीं बीते कि उसके खाते से दो बार में एक लाख रुपये निकल गये। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच में जुट गयी। इस मामले में एसटीएफ भी लगी। जांच में पता चला कि कुछ लोग गैंग बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। यह कॉल सेंटर गाजियाबाद के राजनगर आरडीसी स्थित देविका चैम्बर में चल रहा है। एसटीएफ ने दबिश देकर गिरोह के सरगना दिल्ली के हर्ष विहार राजीव नगर निवासी शादाब खान उर्फ रोहन राठौर उर्फ फरहान और उसके साथी गाजियाबाद के गांव निवाडी निवासी अंकित कुमार सहित 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में गाजियाबाद के कविनगर का महबूब, मानसी और ज्योति, सिंहानी नंदग्राम की गुंजन सैनी, मोदीनगर की शिवानी शर्मा, मुरादनगर की अना, प्राची और इमराना, सिंहानी के हरवंशनगर चक्कीवाली गली निवासी अर्पिता तथा दिल्ली के हर्ष विहार की गुरप्रीत हैं। इनके पास से तीन एक लैपटॉप बेरोजगारों से ठगी गई रकम के हिसाब-किताब के 12 रजिस्टर, चार एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक वोटर आईडी कार्ड व एक वाई-फाई डोंगल मिला है। ये लोग बेरोजगार युवक-युवतियों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर फर्जी वेबसाइट में रुपये जमा कराने के बहाने उनके क्रेडिट व डेबिट कार्ड की गोपनीय जानकारियां हासिल कर लेते और रुपये उड़ाकर मौज-मस्ती करते थे। एसटीएफ ने बताया कि शादाब और अंकित को महानगर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। अन्य लोगों को नोटिस देकर छोड़ा गया है। हिन्दुस्थान समाचार/दीपक /रामानुज-hindusthansamachar.in