एम्बुलेंस न मिलने से महिला और नवजात की मौत
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एम्बुलेंस न मिलने से महिला और नवजात की मौत

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मुंबई,22 नवंबर (हि.स.)। पालघर की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की फिर एक बार पोल खुल गई है। जिले के मोखाडा तालुका की सूर्यमहल ग्राम पंचायत की एक सदस्य और उनके नवजात शिशु की एम्बुलेंस न मिलने से मौत हो गई। जिसके बाद से जनजातीय समुदाय में रोष देखा जा रहा है। जनजाति समुदाय से आने वाली मनीषा धोरे (25) खोडाला के अमले गांव की निवासी हैं। सात महीने की गर्भवती मनीषा को 17 नवंबर को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद एंबुलेंस को बुलाने के लिए फोन किया गया। दो घंटे इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुचीं। जिसके बाद ग्रामीण मनीषा को खोडाला पीएचसी लेकर गये। मनीषा की हालत बिगड़ने पर उन्हें नासिक सिविल अस्पताल में भेजा गया। 18 नवंबर की रात मनीषा के नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके अगली सुबह मनीषा की भी मौत हो गई। मनीषा की मौत का कारण एंबुलेंस का समय पर नहीं मिलना बताया जा रहा है। एंबुलेंस का लंबे समय तक इंतजार करने के कारण मनीषा के शरीर में खून की कमी हो गई जिसके कारण बाद में उनकी जान चली गई। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ दयानंद सूर्यवंशी ने कहा है कि महिला को एंबुलेंस की सेवा समय पर नहीं मिल सकी क्योंकि एक एम्बुलेंस कोविड-19 की ड्यूटी पर था और दूसरा खराब था। उन्होंने कहा कि महिला को बहुत पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी थी। डॉ सूर्यवंशी ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए है। हिन्दुस्थान समाचार/योगेन्द्र-hindusthansamachar.in