एटा-नौकरशाही के कारनामें के चलते एक ही व्यक्ति को दो-दो बार मारना पड़ा
एटा-नौकरशाही के कारनामें के चलते एक ही व्यक्ति को दो-दो बार मारना पड़ा
क्राइम

एटा-नौकरशाही के कारनामें के चलते एक ही व्यक्ति को दो-दो बार मारना पड़ा

news

एटा, 17 सितम्बर (हि.स.)। मामला जनपद एटा के अलीगंज तहसील का है। जहां नौकरशाहों के अजीबो-गरीब कारनामे के चलते एक ही व्यक्ति को राजस्व अभिलेखों में दो बार मृत्यु होना दर्शा दिया गया। युवक की असल में मौत होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में एक ही व्यक्ति की दो बार मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। प्रदेश में मृत्यु होने के पश्चात सरकार ने मृत्यु का प्रमाण देने के लिए डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की महत्त्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है। परंतु एटा जनपद में ऐसा कारनामा सामने आया है जहां अलीगंज तहसील क्षेत्र के गांव कुड़ा का रहने वाला चौबीस बर्षीय युवक आशीष की मृत्यु 10/03/2020 को होना राजस्व अभिलेखों में दर्शाया गया। मृतक आशीष का विवाह न होने के कारण संबंधित बारिसानो ने तहसील कर्मचारियों से सांठ गांठ कर राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज करा लिया। अब तक सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन एक दिन मृतक आशीष मोटर साइकिल से कासगंज जनपद के सिढ़पुरा किसी रिस्तेदारी में घूमने गया, जहां बाइक के पेड़ में टकराने से उसकी वास्तविकता में पुनः मौत हो गई।इस बार मौत होने पर पोस्टमार्टम भी कराया गया।आशीष की मौत अब वास्तविकता में हो चुकी थी। संबधित बारिसानों ने एक बार फिर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री सर्वहित बीमा योजना का लाभ लेने की योजना बनाई और किसान बीमे का दावा ठोंक डाला। नौकरशाह फिर अनजान बने रहे। आंखों पर पट्टी बान्धे तहसील के कर्मचारियों ने दावे की फाइल पर अपनी रिपोर्ट भी लगा डाली, लेकिन फाइलों की सघनता से जांच कर जिले के अपर जिला मजिस्ट्रेट को मृतक के दस्तावेजों में घपलेबाजी दिखाई दी तो उन्होंने मामले की जाँच के आदेश कर दिए। बारीकी से जब मामले की जांच हुई तो परतें खुलना शुरू हुआ और उपजिलाधिकारी अलीगंज राजीव पांडेय ने कार्यवाही की बात मीडिया के सामने रखी। आप जानना यह है कि आखिर मृतक आशीष को सरकारी अभलेखों में दो-दो बार क्यों अपने प्राण त्यागने पड़े। इस मामले में मृतक के वारिशान दोषी हैं या नौकरशाह, ये जांच का विषय है। हिन्दुस्थान समाचार/गोविंद गुप्ता-hindusthansamachar.in