इंदौरः एडवाइजरी कंपनी ने रुपये दोगुना करने का झांसा देकर की 55 लाख की धोखाधड़ी
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इंदौरः एडवाइजरी कंपनी ने रुपये दोगुना करने का झांसा देकर की 55 लाख की धोखाधड़ी

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इंदौर, 01 अगस्त (हि.स.)। शहर में फैले फर्जी एडवाइजरी और चिटफंड कंपनियों के मकडज़ाल में अनेक लोग दोगुने रुपयों के लालच में आकर लाखों रुपये गंवा बैठते हैं। पुलिस ने शुक्रवार देर रात फिर एक फर्जी एडवाइजरी कंपनी के कर्ताधर्ताओं व कर्मचारियों के खिलाफ एक व्यक्ति की शिकायत के बाद केस दर्ज किया है। कंपनी द्वारा रुपये दोगुने करने का लालच देकर 55 लाख रुपये की ठगी की गई। वहीं माना जा रहा है कि अन्य फरियादियों के सामने आने के बाद यह आंकड़ा एक करोड़ से अधिक हो सकता है। विजय नगर थाने पर अरुण पुत्र राधेश्याम शर्मा निवासी कांति नगर, नई दिल्ली ने एलगो सॉल्युशन कंपनी के मिथुन पोरवाल और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि कंपनी का विजय नगर में आफिस है। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा मुझे फर्जी नामों से कॉल कर निवेश करने का कहा गया और बताया गया कि आप जितना भी निवेश करोगे उससे दोगुने रुपए आपको मिलेंगे। इसके लिए सभी दस्तावेज भी तैयार करवाए गए। झांसे में आकर मैंने कंपनी को अलग-अलग किश्तों में 55 लाख रुपये दे दिए। इतने रुपये देने के बाद भी जब लाभ नहीं हुआ तो फरियादी ने अपने रुपये वापस मांगे। इस पर कंपनी के जालसाज बहाने बनाने लगे। आखिरकार अरुण ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने शुक्रवार देर रात मिथुन व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। बताया जाता है कि एलगो सॉल्युशन कंपनी के द्वारा इसी तरह से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाकर धोखाधड़ी की गई है। शिकार हुए अन्य लोगों के सामने आने के बाद ठगी की राशि का आंकड़ा करीब एक करोड़ से अधिक हो सकता है। फिलहाल मामले में पुलिस मिथुन व अन्य की तलाश कर रही है। ... यहां भी निवेश के नाम पर लाखों की चपत उधर, किशनगंज पुलिस ने भी कल निवेश के नाम पर लाखों रुपये की चपत लगाने के मामले में एक कंपनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार गायकवाड़ इलाके में रहने वाले रवि पुत्र नेकराम वर्मा की शिकायत पर मो. आरिफ वेस्टिज कम्पनी का फर्जी डायरेक्टर शांति नगर महूगांव और माया वेस्टिज कम्पनी की फर्जी डायरेक्टर सुपरसिटी कालोनी महूगांव के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। रवि ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले आरोपियानों ने वेस्टेज कम्पनी का डायरेक्टर व संचालक बताकर फरियादी व उसके अन्य साथी कुल 36 लोगों को कम्पनी में लोगों को जोङऩे व कम्पनी की आई डी बनवाकर अन्य लोगों को जोडऩे के लिये प्रत्येक माह 25 हजार रुपये सैलरी देने का तथा एक स्कूटी देने का बोलकर 1,0000 रुपये के हिसाब से 3 लाख 60 हजार रुपये लेकर निवेश के नाम पर रुपये हड़पकर भाग गये। आरोपितों ने अपना आफिस सुपरसिटी कालोनी महू में खोला था। जब रुपए जमा करने के बाद भी उन्हें फरियादी व अन्य को नौकरी नहीं मिली तो वे कंपनी के आफिस पर पहुंचे, जो बंद था। वहीं जब दोनों से मोबाइल पर संपर्क करना चाहा तो भी संपर्क नहीं हो सका। अब पुलिस दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है। हिन्दुस्थान समाचार/घनश्याम डोंगरे-hindusthansamachar.in